चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। जल विद्युत निगम ने मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना के धरासू विद्युत गृह की त्रुटिपूर्ण डिजायन को सुधारने का काम शुरू कर ही दिया। इसमें 26 करोड़ रुपये का खर्चा आ रहा है। काम के दौरान दो माह से अधिक समय तक परियोजना में विद्युत उत्पादन बंद रहेगा। इससे निगम को डेढ़ से दो मिलियन यूनिट प्रतिदिन और दो माह में करीब 16 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना तमाम खामियों के चलते शुरूआत से ही क्षमता के अनुरूप विद्युत उत्पादन नहीं कर पा रही है। जोशियाड़ा बैराज जलाशय के डूब क्षेत्र प्रभावितों को अभी तक विस्थापित नहीं किए जाने से जलाशय को डिजायन के अनुरूप 1108 मीटर लेबल तक नहीं भरा जा सका है। जबकि धरासू विद्युत गृह में टीआरसी (टेल रेस चैनल) गेट के त्रुटिपूर्ण डिजायन के चलते टरबाइनों से फुल लोड पर उत्पादन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यह परियोजना 280 मेगावाट तक ही उत्पादन कर पा रही है।
टीआरसी की डिजायन में सुधार के लिए जिस्को कंपनी से 26 करोड़ में अनुबंध किया गया है। कार्य के दौरान भी दो माह से अधिक समय तक परियोजना में विद्युत उत्पादन बंद रहेगा। ऐसे में निगम को दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा। फिलहाल निगम प्रबंधन प्रथम चरण में बगैर क्लोजर के टीआरसी पर काम करा रहा है। जनवरी माह के अंत से परियोजना में क्लोजर की तैयारी है। 2 मिलीयन, 16 करोड़
टीआरसी को शीघ्र दुरुस्त कराएं
धरासू विद्युतगृह के निरीक्षण पर पहुंचे संसदीय सचिव ऊर्जा विजयपाल सजवाण ने टीआरसी पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निगम के अधिकारियों को समय पर काम पूरा कराने तथा क्लोजर की अवधि कम से कम रखने के निर्देश दिए।
टीआरसी की डिजाइन में कुछ त्रुटि रह गई थी। इसे दुरुस्त किया जा रहा है। शुरूआत में बगैर क्लोजर के काम कराया जा रहा है। काम पूरा कराने के लिए जनवरी माह के अंत में करीब दो माह का क्लोजर लेना पड़ेगा। इसके बाद परियोजना से 334 मेगावाट तक उत्पादन लिया जा सकेगा।
-जेबी सिंह, डीजीएम, जल विद्युत निगम