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बदरीनाथ में दो इंच तक बर्फ

Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
Uttar Kashi
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गढ़वाल। दीप पर्व के बाद शनिवार को मौसम ने फिर करवट बदली है। उत्तरकाशी में दोपहर बाद मूसलाधार बारिश हुई। गंगोत्री क्षेत्र में बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ मंदिर परिसर में करीब दो इंच तक बर्फ जमने की सूचना है।
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उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में शाम करीब तीन बजे से बादलों की गरज के साथ झमाझम बारिश और ओले गिरे। बारिश और ओलावृष्टि से जिला मुख्यालय पर ही तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। शुक्रवार की शाम यहां तापमान 20 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था। चिन्यालीसौड़, मोरी, पुरोला, नौगांव क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। गंगोत्री साधु सभा के सचिव स्वामी रामकृष्ण दास, राम मंदिर के ब्रह्मचारी गुरु कृपानंद ने बताया कि गंगोत्री में दोपहर से रिमझिम बारिश और ऊंची चोटियों पर हिमपात का सिलसिला जारी है।
गोपेश्वर। चमोली जिले के निचले क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और बदरीनाथ धाम, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, हेमकुंड साहिब, गोरसों बुग्याल सहित जिले के सभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ। शाम पांच बजे से धाम में बर्फबारी शुरू हो गई। बदरीनाथ मंदिर परिसर में करीब दो इंच तक बर्फ जमने की सूचना है।
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कड़ाके की ठंड में पहुंचे 366 यात्री
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम में शनिवार को न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्री पहुंचने के बावजूद 366 तीर्थयात्री बदरीविशाल जी के दर्शन को पहुंचे।

बारिश ने बढ़ाई ठंड
रुद्रप्रयाग। जिले में शनिवार को दिनभर मौसम बदलता रहा। सुबह हल्की धूप खिलने के बाद आसमान में बादल छा गए। अपराह्न साढ़े तीन बजे बारिश शुरू होने से जिले में ठंड शुरू हो गई है। ब्यूरो

ओलावृष्टि से आलू, चौलाई हुई बर्बाद
गोपेश्वर। शनिवार को उर्गम घाटी में हुई ओलावृष्टि से क्षेत्र में आलू, चौलाई और राजमा की फसल बर्बाद हो गई है। राजमा की फसल इन दिनों खेतों में पूरी पककर तैयार हो गई थी, लेकिन शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने राजमा की फसल को तहस-नहस कर दिया है।
उर्गम घाटी के भर्की, भेंटा, ग्वाणा, अरोसी, सलना, ल्यारी, थेंणा, बड़गिंडा, देवग्राम, गीरा, बासा, पल्ला जखोला, डुमक, कलगोठ और थेंग गांवों में राजमा, चौलाई और आलू की फसल होती है, लेकिन ओलावृष्टि ने ग्रामीणों की एक वर्ष की मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्थानीय ग्रामीण लक्ष्मण सिंह नेगी, दिलबर सिंह थेंगवाल, रमेश नेगी और महावीर सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि से चौलाई की फसल खेतों में ही नष्ट हो गई है।
उर्गम घाटी के मेहरबान सिंह का कहना है कि बीते वर्ष आपदा के बावजूद उन्होंने चार क्विंटल आलू बेचा था, लेकिन इस बार ओलावृष्टि से आलू की फसल बचा पाना मुश्किल है।
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