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शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री मंदिर के कपाट

Sat, 25 Oct 2014 05:32 AM IST
Uttar Kashi
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उत्तरकाशी। अन्नकूट के पावन पर्व पर शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर विधि विधान के साथ गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। गंगोत्री से गंगा जी की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ तीर्थ पुरोहितों के गांव मुखबा रवाना किया गया। शनिवार को गंगा जी की मूर्ति मुखबा स्थित मंदिर में स्थापित की जाएगी।
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शुक्रवार को सुबह से ही गंगोत्री धाम में गंगा की विदाई की तैयारियां शुरू हो गई थीं। इस दौरान गंगा का अभिषेक करने के साथ ही गंगा लहरी, गंगा सहस्त्रनाम पाठ किया गया। गंगोत्री मंदिर में श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन किए। तय मुहूर्त पर कपाट बंद होते ही गंगा जी की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ मुखबा के लिए रवाना किया गया। 5 गढ़वाल राइफल्स के पाइप बैंड तथा स्थानीय ढोल-दमाऊं की अगुआई में डोली यात्रा भैरोंघाटी होते हुए रात्रि विश्राम के लिए मुखबा स्थित देवी मंदिर पहुंची।
गंगोत्री में सेना की 12 ग्रेनेडियर द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क मेडिकल कैंप तथा भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष भागेश्वर सेमवाल एवं सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि शनिवार को गंगा जी की भोग मूर्ति को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाएगा। शीतकाल में यहां आने वाले श्रद्धालु मुखबा में ही गंगा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे। इस मौके पर भटवाड़ी के ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार, डीएम सी रविशंकर, एसपी जेआर जोशी, एसडीएम केके सिंह, सुरेश चौहान सहित तमाम तीर्थ पुरोहित और करीब 500 श्रद्धालु मौजूद रहे।
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