उत्तरकाशी। बाढ़ में ध्वस्त सीवर ट्रीटमेंट योजना पर अस्थायी इंतजाम तक न किए जाने के कारण करीब बीस हजार आबादी का सीवर आदि गंदगी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से गंगा भागीरथी में जा रही है। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए बनाई गई जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई बजट के अभाव में हाथ पर हाथ धरे बैठी है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के नाम पर सरकार की ओर से चलाई जा रही करोड़ों की योजनाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यालय की करीब बीस हजार आबादी को सीवर से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में सीवर ट्रीटमेंट योजना स्वीकृत हुई थी। मार्च 2012 में 8.16 करोड़ लागत से बनकर यह योजना तैयार हुई लेकिन अगस्त 2012 की बाढ़ में सीवर लाइन आदि निर्माण ध्वस्त होने से परियोजना ठप पड़ गई थी। तब गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने किसी तरह फौरी इंतजाम कर सीवर को गंगा भागीरथी में जाने से रोक लिया था। जून 2013 की बाढ़ में तो इस योजना को भारी क्षति पहुंची। सीवर लाइन और राइजिंग मेन के बड़े हिस्से के साथ ही दो पंपिंग स्टेशन और दो स्मॉल ट्रीटमेंट प्लांट बाढ़ की भेंट चढ़ ग।ए
16 जून के बाद से यह योजना ठप पड़ी है। जिला मुख्यालय और इससे सटी आबादी का सीवर सीधे गंगा भागीरथी में बहाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अब तक बजट के नाम पर धेला भी नहीं मिला है और योजना को दुरुस्त किए बगैर सीवर को भागीरथी में जाने से रोकना नामुमकिन है।
गंगा के मायके उत्तरकाशी में ही गंगा भागीरथी मैला ढोने को मजबूर हैं। करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद सरकार गंगा को प्रदूषण से बचाने में नाकाम साबित हो रही है। गंगा से जुड़ी श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए सरकार को शीघ्र इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। - अजय प्रकाश बडोला, सामाजिक कार्यकर्ता।
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उत्तरकाशी में बाढ़ से सीवर ट्रीटमेंट योजना को हुई क्षति का आंकलन कर पांच करोड़ का प्रस्ताव शासन को सौंपा गया है। अभी बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। यह योजना जल संस्थान को हस्तांतरित करने पर भी विचार चल रहा है। - आरके सिंघल, महाप्रबंधक पेयजल निगम।
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अगस्त 2012 की बाढ़ में सीवर योजना क्षतिग्रस्त होने पर आपदा मद से मिले 30 लाख के बजट से अस्थायी इंतजाम किए गए थे। इस बार कोई बजट नहीं मिला है। योजना क्षतिग्रस्त होने से गंदगी गंगा भागीरथी में ही जा रही है। - रकमपाल सिंह, परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई।
बाढ़ में इन जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई सीवर योजना
1- तिलोथ पुल के पास पंपिंग स्टेशन पूर्ण क्षतिग्रस्त
2- तांबाखानी पंपिंग स्टेशन आंशिक क्षतिग्रस्त
3- गंगोरी में स्मॉल ट्रीटमेंट प्लांट पूर्ण क्षतिग्रस्त
4- तेखला में स्मॉल ट्रीटमेंट प्लांट पूर्ण क्षतिग्रस्त
5- तिलोथ एवं तांबाखानी में पंपिंग राइजिंग मेन क्षतिग्रस्त
6- जोशियाड़ा, उजेली, तिलोथ, जड़भरत मार्ग पर सीवर लाइन का बड़ा हिस्सा ध्वस्त।