उत्तरकाशी। नवनियुक्त डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी ने कहा कि आपदा से जिले का विकास पिछड़ गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कर्मठता एवं ईमानदारी से काम कर जनपद को विकास को गति देने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए, कहा कि जिले को विकास के क्षेत्र में पहले स्थान पर लाना है।
जिला सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में डीएम ने आपदा में क्षतिग्रस्त हुई परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए अवमुक्त धनराशि की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों से स्वीकृत योजनाओं की संख्या, स्वीकृृत धनराशि तथा अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष व्यय के साथ ही भौतिक प्रगति का पूरा ब्यौरा मांगा। इसके अलावा किन-किन मदों में धनराशि की आवश्यकता है उसका भी प्रस्ताव देने को कहा। डीएम ने सीएम की घोषणाओं पर अब तक हुई प्रगति का विवरण भी तलब किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एडीबी ने दैवी आपदा के तहत स्वीकृत योजनाओं तथा अवमुक्त की गयी धनराशि के सापेक्ष अब तक व्यय की जानकारी दी। जल संस्थान की ओर से बताया गया कि दैवी आपदा के अंतर्गत 29 योजनाएं स्वीकृत हुई है। इनके लिए अवमुक्त दो करोड़ पचास लाख के सापेक्ष एक करोड़ 40 लाख रुपये व्यय हो गए हैं। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने विकास भवन स्थित कोषागार पहुंचकर डबल लॉक का निरीक्षण किया। बैठक में सीडीओ जीएस रावत, एसडीएम केके सिंह, देवमूर्ति यादव, आरके पांडेय, विजयनाथ शुक्ल, प्रभारी अधिकारी डा. एसके बरनवाल, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डा. एमएस सजवाण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आपदा की चुनौती से निपटना प्राथमिकता : अद्दांकी
उत्तरकाशी। आपदा की मार से त्रस्त सीमांत जनपद उत्तरकाशी के नवनियुक्त डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी ने मंगलवार देर शाम यहां पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। बुधवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने आपदा की चुनौती से निपटने के साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को चाक चौबंद करना अपनी प्राथमिकता बताया।
वर्ष 2007 बैच के आईएएस अधिकारी श्रीधर बाबू अद्दांकी ने आपदा के दौरान अलग-थलग पड़े उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी क्षेत्र में आपदा राहत आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभाली थी। राज्य गठन के बाद वे उत्तरकाशी के 14वें डीएम हैं। मंगलवार शाम पदभार संभालने से पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने जनपद में आपदा से निपटने को बड़ी चुनौती बताते हुए अपने स्तर से हरसंभव प्रयास की बात कही। उन्होंने कहा कि शासन से मिल रहे बजट का शत-प्रतिशत उपयोग हो पाए तो समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।