बड़कोट(उत्तरकाशी)। जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम में यात्रा के दौरान एकत्र हुए कूड़े को वहीं छोड़ दिया गया है। धाम में कूड़ा एकत्र होने से यमुना प्रदूषित होने का खतरा पैदा हो गया है। रास्तों में कूड़ा होने से आसपास की गांवों की जनता को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला पंचायत हर साल यात्रा के दौरान यमुनोत्री धाम में व्यापारियों से सुविधा शुल्क के नाम पर लाखों रुपये वूसलती है। लाखों रुपये राजस्व वसूली होने के बाद भी धाम की सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है। यही कारण है यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हुए एक माह का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक कई स्थानों पर लगे कूड़े-कचरे के ढेर की सफाई नहीं की गई। आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेर लगने से यमुना प्रदूषित होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि जिला पंचायत ने पिछले कुछ सालों तक कूड़े को एकत्र कर कंपैक्ट मशीन से इसका निस्तारण किया, लेकिन इस साल कूड़े का निस्तारण नहीं किया गया। बीफ गांव के अरविंद रावत का कहना है कि जिला पंचायत की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यमुनोत्री धाम में पसरी गंदगी से लोगों को खासी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
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यमुनोत्री धाम में कूड़े का कंपैक्ट मशीन से निस्तारण किया जाएगा। आपदा के चलते कूड़े का निस्तारण नहीं हो पाया। अब जल्द ही कूड़ा निस्तारण के लिए सफाई कर्मियों को वहां भेजा जाएगा।
------महेश कुमार विश्नोई, अवर अभियंता जिला पंचायत