उत्तरकाशी। सरकार भले ही ‘खाद्य सुरक्षा योजना’ को अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही हो, लेकिन योजना की जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। उत्तरकाशी जिले में योजना शुरू हुए एक माह बीतने को है, लेकिन अभी तक लोगों को सस्ता अनाज तो दूर उनके राशन कार्ड तक नहीं बन पाए हैं। सूत्रों की मानें तो अभी योजना के तहत अनाज मिलने में काफी समय लगेगा।
उत्तरकाशी जिले में पांच सितंबर को जिले के प्रभारी मंत्री प्रीतम सिंह ने योजना का शुभारंभ किया था। मंत्री ने प्रशासन को इसी माह लाभार्थियों का चयन कर अक्तूबर से राशन देने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक माह बीतने वाला है और लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बन पाए हैं। पूर्ति विभाग को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में अब तक हुए सर्वे की रिपोर्ट भी नहीं मिल पाई है। यदि रिपोर्ट आ भी जाती है तो उसके बाद लाभार्थियों का चयन कर सरकार से राशन कोटे की डिमांड की जाएगी, जिसमें समय लगना तय है। गंगोत्री के पूर्व विधायक गोपाल रावत ने कहा कि एक माह बीतने को है अभी तक लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बने हैं। राशन कब मिलेगा कुछ पता नहीं।
यह है खाद्य सुरक्षा योजना
खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत एपीएल श्रेणी के 15 हजार रुपये से कम मासिक आय वाले परिवारों का चयन किया जाना है, जिन्हें प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं दो रुपये और चावल तीन रुपये किलो के हिसाब से प्रतिमाह दिया जाना है, जबकि इसी दर पर एपीएल और अंत्योदय श्रेणी के परिवार को प्रतिमाह 35 किलो राशन दिया जाना है।
नहीं मिला पूरा राशन
योजना के शुभारंभ के लिए नगर के 100 परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए थे, जिन्हें शुभारंभ के दिन मात्र 10-10 किलो राशन दिया गया। दो से अधिक यूनिट वाले राशन कार्डधारकाें को शेष राशन सरकारी राशन की दुकानों से मिलना था, लेकिन वह भी अभी तक नहीं मिल पाया।
75 हजार यूनिट है लक्ष्य
योजना के तहत जिले में 75 हजार यूनिट चयन का लक्ष्य दिया गया है, जबकि वर्तमान में तीन लाख 12 हजार यूनिट है। योजना के लागू होने के बाद कई लोग सरकारी राशन से वंचित हो जाएंगे।
कोट....
योजना के तहत सर्वे चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद लाभार्थियों का चयन कर राशन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके बाद राशन डिमांड की जाएगी। राशन कोटा मिलने के बाद ही योजना शुरू हो पाएगी। - केएस बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी उत्तरकाशी।