फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदियों में जमा मलबा हटाने का गुणा भाग शुरू

Wed, 23 Jan 2013 05:31 AM IST
Uttar Kashi
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। बाढ़ से तटवर्ती आबादी क्षेत्र में जमा रेत-पत्थर के ढेर को मानसून से पहले हटाने के मैकेनिज्म पर गुणा भाग शुरू हो गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तकनीकी दल ने रवाड़ा से मनेरा तक खतरे की जद में आने वाले स्थानों को चिह्नित कर अपनी रिपोर्ट दे दी है।
विज्ञापन

आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र के अधिशासी निदेशक डा.पीयूष रौतेला के नेतृत्व में उत्तरकाशी आए तकनीकी दल ने तटवर्ती हिस्सों की जांच की। दल ने असी गंगा में रवाड़ा, चीवां, घट्टूसौड़ से भागीरथी-असी गंगा संगम तथा भागीरथी पर गंगोरी से मिट्टीतेल डिपो, लक्षेश्वर से तिलोथ तथा जोशियाड़ा और मनेरा में लंबाई में पांच किमी हिस्सा चिह्नित किया।
इसमें दोनों ओर के तटों पर 25-25 प्रतिशत रेत-बजरी के ढेर को यथावत रखते हुए बीच के 50 प्रतिशत हिस्से में तीन मीटर गहराई तक मलबा साफ करना जरूरी बताया। कुछ स्थानों पर सुरक्षा दीवार तथा मलबे से उत्पादन हानि की स्थिति वाले जोशियाड़ा बैराज जलाशय से भी मलबे को खाली किया जाएगा। तकनीकी दल ने मंगलवार को डीएम को रिपोर्ट सौंपी।
विज्ञापन


कोट-
रवाड़ा से लेकर जोशियाड़ा मनेरा तक नदी में जमा मलबे के ढेर को नहीं हटाया गया तो गर्मियों में भी पानी बढ़ने पर तटवर्ती क्षेत्र के लिए खतरा हो जाएगा। तकनीकी टीम की रिपोर्ट मिल गई है। मलबा हटाने की जिम्मेदारी वन विभाग एवं सिंचाई विभाग को सौंपा गया है। इसे हटाने का मैकेनिज्म शासन स्तर पर ही तैयार होगा।- ललित मोहन रयाल, प्रभारी डीएम उत्तरकाशी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें