चिन्यालीसौड़। भूमि संरक्षण वन प्रभाग में वनीकरण कार्य से जुडे़ दैनिक श्रमिकों को दो वर्ष से पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया गया और अब उन्हें हटाया जा रहा है। ऐसे में इन श्रमिकों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
भूमि संरक्षण वन प्रभाग के अंतर्गत जामक, इंद्रावती, जलकुर प्रथम व द्वितीय तथा धनारीगाड रेंज में दैनिक श्रमिकों से वनीकरण कार्य कराया जा रहा है। अकेले धनारीगाड रेंज में ग्रीन बेल्ट, रोजगारपरक, बांस विकास, स्पेशल कंपोनेंट, सिविल सोयम में लगे 30 श्रमिकों को अप्रैल 2010 से अब तक पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया गया। जिससे इन श्रमिकों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। अन्य रेंजों में भी कमोबेश यही स्थिति है।
श्रमिक चंद्रमोहन, कौशल्या, जयप्रकाश, गोविंद सिंह आदि ने बताया कि पारिश्रमिक भुगतान के बजाय कुछ योजनाओं के तहत कार्य कर रहे श्रमिकों को काम से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र बकाया भुगतान नहीं किया गया और वनीकरण कार्य से श्रमिकों को हटाया गया तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे। दूसरी ओर भूमि संरक्षण वन प्रभाग के डीएफओ किशन चंद का कहना है कि विभाग के सालाना 250 करोड़ के बजट से कटौती कर मात्र 20 करोड़ करने से यह स्थिति पैदा हुई है। श्रमिकों के बकाया भुगतान के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।