उत्तरकाशी। जनपद में अघोषित विद्युत कटौती से बिजली पर टिके कार्य व्यवसाय एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिससे दिक्कतें हो रही हैं। विद्युत उत्पादन में अग्रणी उद्योग विहीन सीमांत जनपद में बिजली कटौती से लोगों में रोष है।
जनपद में कई दिनों से घंटों अघोषित कटौती लोगों की परेशानी का सबब बनी है। कटौती का कोई समय भी निर्धारित नहीं है। जिससे बिजली पर टिके कार्य व्यवसाय वाले व्यापारी तथा आम जनता को दिक्कतें हो रही है। दूरस्थ गांवों से उपचार के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीज बिजली गुल रहने पर अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे आदि जांच नहीं करा पा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में भी काम प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि जिले में दो बड़ी तथा कई छोटी परियोजनाएं विद्युत उत्पादन कर रही हैं। ऐसे में बिजली कटौती हैरान करने वाली है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी, नगर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह पंवार, महामंत्री अंकित उप्पल ने जनपद को विद्युत कटौती से मुक्त रखने की मांग की है। ऊर्जा निगम के ईई एनएस खाती ने स्वीकारा कि नदियों में पानी की कमी वाले सीजन में भी जिले में 200 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। जबकि जिले की कुल खपत दो से तीन मेगावाट ही है। ऐसे में जनपद को विद्युत कटौती से मुक्त रखा जाना चाहिए। वे इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा रहे हैं।