चोरों ने वीरवार रात को थाना कोतवाली से सिर्फ 50 मीटर दूरी पर बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दे दिया। चोर पूरा दानपात्र ही उखाड़कर ले गए। इससे जहां पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं मंदिर में अचानक दानपात्र चोरी होने पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
जानकारों की मानें तो मंदिर में हर समय साधू संत रहते हैं, ऐसे हालातों में दानपात्र चोरी होना संदेह के घेरे में है। चोरी के बाद हरकत में आई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिस जगह से चोरी हुई है, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
ऐसे में सीसीटीवी की मदद से पुलिस को कुछ मदद मिल सकती है। काशी विश्वनाथ मां शक्ति मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राम चंद्र उनियाल ने बताया कि मंदिर में तीन दान पात्र लगे हुए हैं। जून महीने के दौरान दानपात्र खोलने पर 1 लाख 20 हजार जबकि सितंबर में खोलने पर 65 हजार रुपये निकले थे।
मौजूदा समय के दौरान दानपात्र में कितने पैसे थे, इसका अनुमान समिति पदाधिकारियों को भी नहीं है। जो दान पात्र चोरी हुआ है वह नंदी गाय की मूर्ति के सामने लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में इससे पहले भी दो अन्य मंदिरों में दान पात्रों की चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
मंदिर का अहम स्थान
उत्तरकाशी में बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर प्रसिद्ध है। गंगोत्री जाने वाले श्रद्धालु पहले इसी मंदिर में माथा टेककर जाते हैं। स्थानीय लोग भी भारी संख्या में भगवान के दर्शनों के लिए मंदिर आते हैं।