महज डेढ़ माह के भीतर डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी का तबादला किए जाने से स्थानीय लोग हैरान हैं। लोगों ने डीएम के ट्रांसफर पर रोष जताते हुए नगर में राज्य सरकार का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। बता दें कि राज्य बनने के बाद 16 सालों में अब तक जिले में 18 डीएम बदले जा चुके हैं। डीएम अद्दांकी के तबादले के पीछे फिर एनबीसीसी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना और तांबाखानी सुरंग पर जांच बैठाना कारण माना जा रहा है।
शासन द्वारा किए गए फेरबदल में एक बार फिर उत्तरकाशी के डीएम बदल दिए गए। महज डेढ़ माह पहले यहां तैनात किए गए डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी का ट्रांसफर लोगों के गले नहीं उतर रहा है। बता दें कि राज्य गठन के बाद से अब तक जिले में 18 डीएम बदले जा चुके हैं।
ट्रांसफर की खबर लगते ही स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर राज्य सरकार का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। शैलेंद्र मटूड़ा, सुभाष बडोनी, लोकेंद्र बिष्ट, मोहन डबराल, गिरीश रमोला, उपेंद्र सजवाण, अंकित रावत, प्रदीप कैंतुरा आदि का कहना था कि बार-बार डीएम बदले जाने से जिले का विकास प्रभावित हो रहा है।
बता दें कि वर्ष 2014 में भी डीएम अद्दांकी उत्तरकाशी के डीएम रहे। तब आरोप लगा था कि डिगिला में निर्माणाधीन पुल ढहने पर उनके द्वारा एनबीसीसी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और तांबाखानी सुरंग निर्माण में वित्तीय अनियमितता की जांच की संस्तुति करने के कारण ही उनका तबादला किया गया था।
इत्तफाक से इस बार भी अद्दांकी के डीएम रहते एनबीसीसी का ही अठाली में निर्माणाधीन पुल ढह गया। उन्होंने मामले में फिर कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही डीएम की संस्तुति पर शासन ने तांबाखानी सुरंग मामले की जांच भी बैठा दी है। ऐसे में तबादले की मंशा पर आरोप लगने लगे हैं।