उत्तरकाशी। शनिवार रात जिला अस्पताल में नशे में धुत्त एक युवक द्वारा उत्पात मचाने व डाक्टरों के साथ अभद्रता करने के विरोध में सोमवार को चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने ओपीडी का बहिष्कार किया। हालांकि प्रशासन द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने के बाद डॉक्टरों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
धौंतरी बाजार में भीड़ द्वारा एक चिकित्सक के ऊपर हमला करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बीते 22 जून की देर रात को शराब के नशे में धुत्त युवक ने जिला अस्पताल में हंगामा कर डॉक्टरों के साथ अभद्रता कर दी। चिकित्सकों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति का चालान कर उसे छोड़ दिया, जिससे आक्रोशित होकर सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों ने सोमवार को ओपीडी का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। चिकित्सकों ने कहा कि शनिवार रात को पुलिस ने युवक के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक दबाव में उलटा चिकित्सकों की ही एल्कोमीटर से जांच कर दी। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डा. एसपी कुड़ियाल का कहना है कि प्रशासन ने युवक के खिलाफ सुरक्षा एक्ट में कार्रवाई करने तथा अस्पताल के गेट में पुलिस चौकी स्थापित करने का भरोसा दिया है। वहीं एसपी पंकज भट्ट का कहना है कि जिला अस्पताल में स्थापित पुलिस चौकी में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। साथ ही रात के वक्त पुलिस कर्मियों को अस्पताल के अंदर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों द्वारा तहरीर दिए जाने पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों में डॉ. पीएस पोखरियाल, डॉ. दिनेश धर्मशक्तु, डॉ. सुधा सिंह, कुसुम गौड़, जोगेंद्र पडियार, अजय जोशी सहित कई शामिल थे।