उत्तरकाशी। शीतकालीन पलायन के बाद अब उपला टकनौर क्षेत्र के ग्रामीण अपने गांवों की तरफ लौटने लगे हैं, लेकिन सरकारी तंत्र ने महीनों बाद गुलजार हुए इन गांवों में अभी तक पेयजल, दूरसंचार आदि बुनियादी सुविधाएं सुचारु नहीं की है। अब गंगोत्री धाम के कपाट खुलने में कुछ दिन ही शेष हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त कराने की मांग की है।
उपला टकनौर क्षेत्र मुखबा, धराली, हर्षिल, बगोरी आदि गांवों के लोग हर वर्ष शीतकाल के दौरान निचले इलाकों में पलायन करते हैं। इस दौरान वीरान पड़े इन गांवों में विद्युत, पेयजल, दूरसंचार आदि बुनियादी सुविधाएं भारी बर्फबारी और देखरेख के अभाव में ठप पड़ जाती है, जिन्हें गर्मियों के मौसम की दस्तक के साथ ही दुरुस्त किया जाता है। इस वर्ष ग्रामीणों के लौटने के बावजूद धराली, झाला, छोलमी आदि गांवों में पेयजल व दूरसंचार की व्यवस्था को अभी तक सुचारु नहीं किया गया है।
धराली निवासी महेश पंवार, सुशील पंवार, जयेंद्र पंवार आदि ग्रामीणों ने बताया कि सात मई से आरंभ हो रही चार धाम यात्रा की तैयारियों व सेब के फ्लावरिंग सीजन के चलते अधिकांश ग्रामीण गांवों में लौट आए हैं, लेकिन सर्दियों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों एवं बीएसएनल की दूरसंचार सेवा को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। इस बार 11 अप्रैल को इन सभी गांवों में मतदान भी होना था। बावजूद इसके संबंधित विभागों ने इन आवश्यक सेवाओं को बहाल करना जरूरी नहीं समझा।
बीते रोज हुए मतदान और आगामी चार धाम यात्रा को देखते हुए सभी विभागों को उपला टकनौर क्षेत्र में बुनियादी संसाधन सुचारु करने के निर्देश दिए गए थे। संभवत: किसी तकनीकी दिक्कत के चलते पेयजल व दूरसंचार सेवा बाधित हुई होगी, जिन्हें जल्द दुरुस्त कराकर ग्रामीणों की समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
देवेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम, भटवाड़ी।