बड़कोट। बीते वर्ष आपदा का शिकार हुए यमुनोत्री धाम का छह माह बाद भी जीर्णोद्धार नहीं हो सका है, जबकि बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण वर्तमान समय में धाम में किसी प्रकार का पुनर्निर्माण करना भी मुश्किल है। ऐसे में आगामी मई से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा के दौरान भारी परेशानियां होने की आशंका बनी हुई है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, सचिव कृतेश्वर उनियाल आदि पदाधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा का प्रथम पड़ाव होने के बावजूद यमुनोत्री धाम की लगातार उपेक्षा की जा रही है। बीते साल आपदा का शिकार हुए यमुनोत्री धाम के लिए शासन ने कई मिन्नतों के बाद इस वर्ष जनवरी में करीब पौने तीन करोड़ स्वीकृत किए हैं, जिससे पुल व बाढ़ सुरक्षा कार्य होने हैं। लेकिन महिला गर्म कुंड व मंदिर समिति कार्यालय के पुनर्निर्माण के लिए अभी भी कोई बजट नहीं दिया गया है। सिंचाई विभाग के एई पीएस रावत का कहना है कि यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा आदि कार्य के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है, जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। लोनिवि के ईई सुनील गर्ग का कहना है कि यमुनोत्री धाम में पुल निर्माण के लिए करीब 90 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
ओजरी-डबरकोट का प्रकोप झेलेंगे तीर्थयात्री
बड़कोट। चारधाम यात्रा व यमुनोत्री हाईवे के लिए बीते कुछ सालों से नासूर बने ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन का अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं खोजा जा सका है। मंदिर समिति के प्रवक्ता बागेश्वर उनियाल ने कहा कि हर बरसात में भूस्खलन होने के कारण यमुनोत्री हाईवे कई-कई हफ्तों तक बंद रहता है, जिससे तीर्थयात्रियों व ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। एनएच खंड के ईई नवनीत पांडे ने कहा कि स्लाइड जोन पर एक किमी टनल बनाने की योजना है, जिसके सर्वे, डीपीआर आदि कार्य करने के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। ईई लोनिवि सुनील गर्ग ने कहा कि वैकल्पिक सड़क निर्माण के लिए प्रथम चरण की स्वीकृति मिली है।