चिन्यालीसौड़। बीते वर्ष धरासू-जोगत मार्ग पर हुई वाहन दुर्घटना में घायल युवती को तमाम दावों के बावजूद सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। अक्तूबर में हुए हादसे में बनकोट गांव निवासी यह युवती कमर से नीचे अपाहिज हो गई है, लेकिन एम्स ऋषिकेश में कुछ दिनों के उपचार के बाद से पीड़िता को शासन प्रशासन की तरफ से मदद तो दूर दुर्घटना का मुआवजा तक नहीं मिला। हालांकि ग्रामीणों की शिकायत के बाद रविवार को डीएम ने पीड़िता के घर पहुंचकर जल्द मदद मुहैया कराने का भरोसा दिया है।
विगत 15 अक्तूबर को धरासू-जोगत मार्ग के भड़कोट क्षेत्र में एक टैक्सी खाई में गिर गई थी। इसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बनकोट गांव निवासी प्रियंका पुत्री रमेश सिंह सहित पांच अन्य लोग घायल हो गए थे। घटना के वक्त प्रियंका की हालत गंभीर होने के चलते उसे हेलीकाप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजा गया था, जहां कुछ दिनों तक इलाज करने के बाद उसे घर लौटा दिया गया। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले पीड़िता के पिता रमेश सिंह ने बताया कि घटना में प्रियंका की रीड़ की हड्डी में गहरी चोट आई थी। इस कारण उसका शरीर कमर से नीचे अपाहिज हो गया है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह उसका इलाज नहीं करा पा रहे हैं।
उधर रविवार को शहीद मोहन लाल रतूड़ी के घर पहुंचे अधिकारियों को स्थानीय ग्रामीणों ने युवती के हालत की जानकारी दी। इसके बाद डीएम डा. आशीष चौहान ने पीड़िता के घर पहुंचकर जल्द मुआवजा देने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पीड़ित परिवार को व्हीलचेयर, वाटर बैग व टीवी देने के निर्देश दिए। साथ ही प्रियंका के स्वस्थ होने के बाद उसे ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 12वीं की परीक्षा दिलाने का भी भरोसा दिया। इस मौके पर एसपी पंकज भट्ट, एसडीएम नमामि बंसल व खंड विकास अधिकारी कमल पांडे आदि मौजूद रहे।