उत्तरकाशी। भटवाड़ी ब्लॉक के विभिन्न मुद्दों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को बीडीसी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सदन ने तहसील मुख्यालय व अन्य सरकारी विभागों में अधिकारियों व कर्मचारियों की गैरहाजिरी को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मुद्दों पर चर्चा करने के साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
मंगलवार को भटवाड़ी ब्लॉक सभागार में ब्लॉक प्रमुख चंदन पंवार की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक हुई, जिसमें सभी पंचायत सदस्यों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल आदि मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान डिडसारी क्षेत्र में करीब चार करोड़ की लागत से होने वाले कार्यों को लेकर सिंचाई विभाग द्वारा जारी निविदाओं पर सदस्यों ने सवाल खड़े किए। इस पर ब्लॉक प्रमुख ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए। इस बीच सभी अधिकारियों ने उनके विभागों में सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक के अंत में सदन द्वारा तहसील सहित अन्य सरकारी विभागों से अधिकारियों व कर्मचारियों के नदारद रहने पर रोष जताया। सदस्यों ने कहा कि भारत-चीन सीमा की अंतिम तहसील होने के बावजूद सरकारी अधिकारी यहां सेवाएं देने को तैयार नहीं हैं। इस दौरान सदन ने इस मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए शासन से समस्या का निस्तारण करने की मांग उठाई। बैठक में अरविंद नेगी, राघवानंद नौटियाल, बीना नौटियाल, चंपा रावत, सरिता महर, अनीता चौहान आदि मौजूद रहे।
बीडीसी का किया बहिष्कार
उत्तरकाशी। तहसील स्थित कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के न बैठने से नाराज ज्येष्ठ उपप्रमुख धर्म सिंह, संजय पंवार, अनिल रावत, संजीव नौटियाल, धर्मेंद्र राणा आदि पंचायत प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार किया। उन्होंने तहसील परिसर में चल रहे धरना आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रशासन से शीघ्र भटवाड़ी तहसील पर संचालित सरकारी दफ्तरों को आबाद करने की मांग की।
लौटने लगे हैं सरकारी दफ्तर
उत्तरकाशी। भटवाड़ी तहसील के सरकारी दफ्तरों को आबाद करने की मांग पर चल रहा धरना अब असर दिखाने लगा है। सोमवार को बाल विकास विभाग ने अपना भटवाड़ी स्थित दफ्तर पुनर्जीवित कर दिया। दफ्तर के कार्यालय की साफ सफाई करने के साथ ही यहां विभाग का बोर्ड लगाकर विधिवत कार्य शुरू कर दिया गया है। भटवाड़ी के क्षेत्र पंचायत सदस्य राघवानंद नौटियाल ने कहा कि जनता का आक्रोश उन अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति है, जो वेतन तो भटवाड़ी के नाम पर ले रहे हैं और काम जिला मुख्यालय पर बैठकर निपटा रहे हैं। भटवाड़ी स्थित अपने दफ्तरों में बैठकर काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का ग्रामीणों की ओर से स्वागत किया जाएगा।