उत्तरकाशी। तहसील एवं ब्लाक मुख्यालय वाले भटवाड़ी में खुले सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के क्षेत्रवासियों ने बेमियादी धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि तहसील समेत अधिकांश विभागों के अधिकारी जिला मुख्यालय पर बैठकर ही कार्य संपादित कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र के विकास के साथ ही आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भारत-चीन सीमा पर स्थित उपला टकनौर, टकनौर, नाल्ड कठूड़ एवं भटवाड़ी क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1960 में अलग जनपद गठन के साथ ही भटवाड़ी को तहसील एवं ब्लाक मुख्यालय बनाया गया था। वर्ष 2010 में भटवाड़ी कस्बा भूधंसाव की चपेट में आने और इसके बाद जिला मुख्यालय के निकट जोशियाड़ा में उपतहसील खोले जाने के बाद से यहां स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। अब हाल यह है कि तहसीलदार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी जिला मुख्यालय पर बैठकर ही कामकाज निबटा रहे हैं।
लोगों ने मंगलवार को तहसील कार्यालय परिसर में बेमियादी धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि एक ओर तो सरकार पलायन रोकने की बात कह रही है और दूसरी ओर सरकार के अधिकारी-कर्मचारी ही अपने दफ्तरों से पलायन कर रहे हैं। इस मौके पर कुशला प्रसाद रतूड़ी, राजेश रतूड़ी, रवि रावत, विनोद रतूड़ी, सुनील मौर्य, भरत सिंह, रघुवीर सिंह, अनिल कुमार, अनुराग रतूड़ी, प्रदीप सेमवाल, अमित नौटियाल, कुलदीप नौटियाल, इंद्रेश नौटियाल आदि मौजूद रहे।