चिन्यालीसौड़। दशगी पट्टी के कपराड़ा गांव में आयोजित रामलीला के सातवें दिन राम-भरत मिलाप के दृश्य का मंचन किया गया, जिस देखकर दर्शक भावुक हुए। बुधवार शाम को दिखाए गए दृश्य में राम के वनवास जाने और राजा दशरथ के निधन से व्याकुल भरत-शत्रुघ्न के दुख को दर्शाया गया। अपने ननिहाल से अयोध्या लौटने पर भरत व शत्रुघ्न को अपनी माता कैकेई व मंथरा के षड़यंत्र के बारे में पता चला। इस पर रोष व्यक्त करते हुए वह अपने बड़े भाई श्रीराम को वापस ले जाने के लिए वन पहुंचे, लेकिन पिता को दिए वचन का पालन करते हुए श्रीराम ने अयोध्या लौटने से इनकार कर दिया। इस पर भरत ने श्रीराम से उनके खड़ाऊ मांगे। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष मुलायम सिंह नेगी, अंकुज रावत, उपेंद्र कठैत, नरेंद्र रावत, विजय प्रकाश, राजेंद्र रांगड़, गणेश लाल, संजय शाह, उपेंद्र महंत आदि मौजूद रहे।