पुरोला (उत्तरकाशी)। हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे मोरी ब्लाक के सुदूरवर्ती लिवाड़ी और फिताड़ी गांव में पहली बार गांव कोई डीएम पहुंचा। जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान 17 किमी की दुर्गम पैदल दूरी तय कर इन गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं जानीं और समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान बीते 31 अक्तूबर को दलबल के साथ जखोल होते हुए सड़क मार्ग से बैंचा घाटी तक पहुंचे। यह स्थान जिला मुख्यालय से 200 किमी दूर है। यहां से छह किमी पैदल दूरी तय कर वे देर शाम फिताड़ी गांव पहुंचे। अपने गांव में पहली बार किसी डीएम को देखकर ग्रामीणों के भी चेहरे खिल गए। उन्होंने ढोल-दमाऊं आदि पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं फूलमालाओं से डीएम का स्वागत किया। फिताड़ी गांव में रात्रि विश्राम के बाद बृहस्पतिवार को डीएम ने गांव के सोमेश्वर देवता मंदिर प्रांगण में फिताड़ी, राला, कासला एवं हरिपुर गांव के ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। यहां से डीएम चार किमी दुर्गम पैदल दूरी तय कर लिवाड़ी गांव पहुंचे। यहां बहुद्देशीय शिविर लगाकर उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने गांव की बुजुर्ग असहाय महिलाओं को वस्त्र एवं कंबल तथा बच्चों को स्वेटर वितरित किए। लौटते हुए डीएम लिवाड़ी से सात किमी पैदल चलकर बैंचा पहुंचे।
डीएम के पहुंचने से इन समस्याओं का हुआ समाधान
पुरोला (उत्तरकाशी)। डीएम डा.आशीष चौहान ने फिताड़ी गांव निवासी मेदर सिंह की चार वर्षीय पुत्री प्रेणा की आंख में मोतियाबिंद की समस्या देखकर उसका तत्काल सरकारी खर्च पर इलाज कराने के निर्देश दिए। क्षेत्र में उज्ज्वला योजना के तहत सभी वंचित परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराने, फिताड़ी में खाद्यान्न गोदाम बनवाने, युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर रोक के लिए छापामारी अभियान चलाने, लिवाड़ी में डीएसपीटी फोन लगाने, सौभाग्य योजना के तहत 15 नवंबर तक क्षेत्र के शतप्रतिशत परिवारों को बिजली के कनेक्शन देने, जूनियर हाईस्कूल लिवाड़ी में एक शिक्षक संबद्ध करने के निर्देश दिए। शिविर में कुल 35 शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इसके अलावा 24 पशुपालकों को दवा वितरित की गई तथा 12 वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने के साथ ही 10 परिवार रजिस्टर की नकल एवं 6 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए।