फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम के दखल से सुलझा तेखला गदेरे में कूड़ा डंप करने का विवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। तेखला गदेरे में कचरे के साथ ही मृत मवेशियों के शव उड़ेले जाने से उत्पन्न हुआ विवाद पालिका के प्रशासक एसडीएम भटवाड़ी के हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया है। एसडीएम ने सफाई कर्मियों को मृत मवेशियों को दबाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

तेखला गदेरे में वर्षों से नगर का कूड़ा डंप किया जा रहा है। कचरे से उठती दुर्गंध के साथ ही कचरे के ढेर पर मंडराते बंदर तेखला बस्ती के लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। बरसात में गंदगी गंगा भागीरथी को प्रदूषित कर रही है। प्रशासन द्वारा जगह-जगह चलाए जा रहे सफाई अभियानों में एकत्र कचरा और नगर में मृत आवारा मवेशियों के शव भी तेखला गदेरे में ही डंप किए जा रहे हैं। इससे गुस्साए तेखला एवं गंगोरी क्षेत्र के लोगों ने शुक्रवार को पालिका के वाहनों को तेखला गदेरे में कचरा डंप करने से रोक दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों और सफाई कर्मियों के बीच कुछ विवाद भी हुआ, जिस पर सफाई कर्मियों ने भी कार्य बहिष्कार की चेतावनी दे डाली। शनिवार को पालिका कार्यालय में हुई बैठक में पालिका प्रशासक एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने दोनों पक्षों को समझा कर मामला शांत कराया। एसडीएम ने सफाई कर्मियों को मृत मवेशियों के शव गड्ढे खोदकर दबाने के निर्देश दिए। वहीं क्षेत्र के मनोज चौहान, गजेंद्र सिंह, दुर्गेश डंगवाल, रूपमोहन पंवार, शिवराम डंगवाल, प्रवीण नौटियाल, विजयपाल चौहान, स्वामी बलदेवानंद, चंद्री चौहान आदि ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर तेखला में कूड़ा डंप करने का विरोध किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें