उत्तरकाशी। एक दिन में सिर्फ डेढ़ सौ लोगों को ही गोमुख क्षेत्र में जाने की अनुमति का नियम कांवड़ यात्रियों को रास नहीं आ रहा है।
मंगलवार को डेढ़ सौ से अधिक कांवड़ यात्रियों के यहां पहुंचने पर उन्हें कनखू बैरियर पर रोक दिया गया। इससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई। देर रात तक भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री बैरियर पर डटे हुए थे।
बता दें कि गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक दिन में सिर्फ डेढ़ सौ लोगों को ही प्रवेश की अनुमति का नियम बनाया गया है। इस नियम के चलते कांवड़ यात्रा सीजन के दौरान खासी फजीहत होती है। गंगा पर आस्था के चलते हर साल सावन के महीने में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गंगा जल भरने के लिए गोमुख पहुंचते हैं। इस बार 8-9 अगस्त को शिव भक्तों को अपने शिवालयों में गंगा जल से अभिषेक करना है। इसके चलते आजकल गंगोत्री-गोमुख पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है, लेकिन एक दिन में सिर्फ डेढ़ सौ लोगों को ही गोमुख की ओर जाने के नियम के चलते कनखू बैरियर पर स्थिति बिगड़ने लगी है।
विगत 16 से 18 जुलाई तक अतिवृष्टि के चलते कांवड़ यात्री गोमुख की ओर नहीं जा पाए। अब कांवड़ यात्रा में भीड़ बढ़ने लगी है। मंगलवार को डेढ़ सौ से अधिक संख्या में कांवड़ यात्रियों के यहां पहुंचने पर उन्हें कनखू बैरियर पर रोक दिया गया, जिससे यहां विवाद खड़ा हो गया। बैरियर पर तैनात वन कर्मी राजवीर ने बताया कि उच्चाधिकारियों से एक दिन में सिर्फ डेढ़ सौ लोगों को ही गोमुख की ओर जाने देने के आदेश हैं। आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने पर स्थिति बिगड़ने की आशंका है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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कांवड़ यात्रियों को रोका जाना गलत
उत्तरकाशी। कनखू बैरियर के पास आश्रम में रहने वाले स्वामी रामकृष्ण दास का कहना है कि किसी अन्य धर्म के यात्रियों को उनके धर्म के पालन और धार्मिक यात्राओं से कभी नहीं रोका जाता। सरकारों का बस सिर्फ हिंदू धर्म पर ही चलता है। गंगा के प्रति हिंदुओं में अगाध आस्था है, ऐसे में गंगा जल लेने के लिए गोमुख जाने वाले कांवड़ यात्रियों को रोका जाना हैरान करने वाला है। गंगोत्री व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतेंद्र सेमवाल का कहना है कि कनखू बैरियर पर रोके जाने से कांवड़ यात्रियों में रोष व्याप्त है। ब्यूरो