उत्तरकाशी/बड़कोट। यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे का भूस्खलन से अवरुद्ध होने और घंटों मशक्कत के बाद खुलने का सिलसिला जारी है। ओजरी डबरकोट स्लिप जोन में शुक्रवार शाम को अवरुद्ध हुए यमुनोत्री हाईवे पर 16 घंटे बाद यातायात बहाल हो पाया। राम मंदिर के पास आपदा में तबाह हुआ जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाया है। यहां यात्री पहाड़ी के रास्ते जोखिमभरी आवाजाही करने को मजबूर हैं। इधर, धरासू बैंड पर भूस्खलन से शनिवार सुबह करीब एक घंटे तक गंगोत्री हाईवे पर यातायात ठप रहा उसके बाद दिनभर सुचारु रहने के बाद रात आठ बजे फिर बंद हो गया।
ओजरी डबरकोट स्लिप जोन यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बना हुआ है। शुक्रवार शाम करीब सात बजे भूस्खलन होने से यातायात ठप हो गया था। शनिवार को बारिश नहीं होने पर भी पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी रहने से एनएच के कर्मचारियों को सड़क खोलने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। शनिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे यहां यातायात बहाल तो कर लिया गया, लेकिन बिना बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डर गिरने से वाहनों की आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। सड़क अवरुद्ध रहने के दौरान तीर्थयात्री तिर्खली कुंसाला होते हुए पैदल ही जानकीचट्टी की ओर जाने को मजबूर हैं।
बीते 17 जुलाई को यमुना नदी से हुए कटाव में राम मंदिर के पास क्षतिग्रस्त हुआ जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग भी अभी तक बहाल नहीं हो पाया है। यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, तीर्थ पुरोहित प्रदीप उनियाल आदि ने बताया कि राम मंदिर पर क्षतिग्रस्त रास्ते को दुरुस्त करने का कार्य धीमी रफ्तार से चल रहा है। पैदल मार्ग पर कई जगह मलबा जमा है और यमुनोत्री प्रवेश द्वार पर रास्ता खासा जोखिम भरा है।
इधर, शनिवार सुबह करीब छह बजे धरासू बैंड पर भूस्खलन का मलबा आने के कारण गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। मलबा साफ कर करीब एक घंटे बाद यहां यातायात बहाल हो पाया। दिनभर यातायात सुचारु रहने के बाद रात आठ बजे फिर बंद हो गया।