बड़कोट। बारिश से ओजरी-डबरकोट में भूस्खलन होने से यमुनोत्री हाईवे करीब 16 घंटे बाधित रहा। भूस्खलन होने से मार्ग के दोनों ओर दर्जनों यात्री वाहन फंसे रहे। वहीं पहाड़ी से लगातार मलबा-पत्थर गिरने के कारण राजमार्ग खंड के कर्मचारियों को मार्ग खोलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद शाम चार बजे यातायात सुचारु हो गया था।
बुधवार देर रात हुई बारिश के बाद ओजरी-डबरकोट में एक बार फिर से भूस्खलन हुआ। भारी तादात में गिरे मलबे और पत्थरों के कारण यमुनोत्री राजमार्ग रात करीब 12 बजे बाधित हो गया था। बृहस्पतिवार सुबह बारिश रुकने के बाद राजमार्ग खंड के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीनों के साथ मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण मार्ग खोलने के प्रयास बार-बार विफल होते रहे। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब चार बजे मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया गया। इस बीच यमुनोत्री धाम से दर्शन कर लौट रहे और जा रहे करीब 60 से 70 यात्री वाहन मार्ग के दोनों तरफ फंसे रहे। यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए प्रशासन ने एसडीआरएफ और पुलिस के जवान मौके पर तैनात रहे।
उधर, ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन के कारण बार-बार यमुनोत्री हाईवे बाधित होने पर होटल कारोबारी चंद्रमोहन राणा, भगत सिंह आदि ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि करीब सालभर बाद भी शासन-प्रशासन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहा है, जिससे चारधाम यात्रा प्रभावित होने के साथ ही स्थानीय कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट कर समस्या का निस्तारण करने की मांग की है।
अंधेरे में डूबी यमुना घाटी
देर रात हुई बारिश के बाद से ही पूरी यमुना घाटी में बीते करीब 14 घंटों से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। बुधवार रात हुई बारिश के बाद आए फॉल्ट के कारण रात करीब डेढ़ बजे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। वहीं बारिश के कारण जिला मुख्यालय सहित जनपद के कई अन्य क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति घंटों तक बाधित रही। घंटों बाद भी लाइट नहीं आने से यात्रा कारोबारियों सहित अन्य लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने फाल्ट को जल्द ठीक कर आपूर्ति बहाल करने की बात कही है।