चिन्यालीसौड़। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे से सेना के विमानों की सुरक्षित उड़ान एवं लैंडिंग के प्रति प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उड्डयन विभाग के आदेशों के बावजूद हवाई पट्टी के निकट बने मंदिर तथा निजी भवन को हटाया नहीं गया है। आगामी 17 अप्रैल से शुरू होने जा रहे भारतीय सेना के सबसे बड़े सैन्य अभ्यास ‘गगन शक्ति’ पर यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे परिसर के भीतर एक पुराना मंदिर और सुरक्षा दीवार के बाहर एक तीन मंजिला भवन विमानों की सुरक्षित उड़ान एवं लैंडिंग में बाधा है। रनवे के निकट इन निर्माणों के कारण पूर्व में हुए अभ्यास के दौरान एयर क्राफ्ट की लैंडिंग एवं टेक ऑफ में तकनीकी दिक्कतें आयी थीं, जिसके चलते एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और उड्डयन विभाग के अधिकारियों ने जिला प्रशासन को मंदिर शिफ्ट करने तथा निजी भवन स्वामी को मुआवजा देकर ऊपर की दो मंजिलें तोड़ने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की।
बता दें कि आगामी 17 अप्रैल से भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और चीन से सटी सीमाओं में सैन्य अभ्यास किया जाना है। ‘गगन शक्ति’ नाम से आयोजित इस अभियान में थल एवं वायु सेना के जवानों द्वारा संयुक्त अभ्यास किया जाना है। ऐसे में रनवे के समीप इन निर्माणों के चलते सैन्य अभ्यास में दिक्कत खड़ी होने का खतरा है।
कोट:
उड्डयन सचिव अमित नेगी आदि विशेषज्ञों ने रनवे के निकट बने निजी भवन की ऊपरी दो मंजिल तथा मंदिर को हटाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में उड्डयन विभाग एवं तहसील प्रशासन को कार्रवाई करनी है।
घनश्याम सिंह, परियोजना अधिकारी, निर्माण निगम।
कोट:
निजी भवन स्वामी के मुआवजे की कार्रवाई चल रही है, जबकि मंदिर के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। कार्रवाई पूरी होते ही निर्माणों को हटा दिया जाएगा।
-चंदन सिंह राणा, तहसीलदार।