फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदहाली पर आंसू बहा रहा अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बना हॉस्टल

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के निकट अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बना छात्रावास खस्ताहाल पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के लिए समाज कल्याण विभाग ने हॉस्टल तो बना दिया, लेकिन उसमें बुनियादी सुविधाएं देना भूल गया है। आलम यह है कि छात्रावास में न तो खाने के लिए मेस है और न ही बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं। वहीं, कमरों की खिड़कियां व शौचालय भी टूटे पड़े हैं।
विज्ञापन

उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे अनुसूचित जाति के गरीब छात्रों को आवास व भोजन की सुविधा देने के लिए छात्रावास का निर्माण कराया था, लेकिन सुविधाओं की कमी के चलते 48 छात्रों का जीवन कष्टकारी बना हुआ है। बड़कोट के लोकेश, सरनौल के अमित, पाली के सोबत लाल, नौगांव के अमित कुमार बताते हैं कि छात्रावास की मेस बीते दो साल से बंद पड़ी है, जिससे उन्हें होटल, ढाबों की महंगी व्यवस्था अथवा खुद ही चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ता है।
हॉस्टल में बिजली की फिटिंग उखड़ी पड़ी है। ऐसे में छात्र जुगाड़ से बल्ब जलाकर पढ़ाई के लिए रोशनी जुटा पाते हैं। वह भी कई बार शॉर्ट सर्किट से खराब हो जाती है। अनियमित जल आपूर्ति व आरओ खराब होने के कारण पेयजल की समस्या बनी हुई है। शौचालय भी खस्ताहाल पड़े हुए हैं, जबकि, टूटी हुई खिड़कियों को किसी तरह कागज, गत्ते से ढककर छात्र ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए यहां कोई सुरक्षा कर्मी व वार्डन तक नहीं है, जिससे उनका सारा समय बुनियादी जरूरतों को बटोरने में ही निकल जाता है। छात्रों ने प्रशासन व विभाग से समस्याओं को दूर करने की मांग की है।
विज्ञापन

मेस के लिए पूर्व में विज्ञप्ति निकाली गई थी, लेकिन किसी ने ठेका नहीं लिया। अब नए सिरे से ई टेंडरिंग की जा रही है। वहीं बिजली आदि सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए आरईएस को कार्य सौंपा गया है। जल्द ही समस्याओं को दूूर किया जाएगा।
विज्ञापन

-जीत सिंह रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें