उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव व तहसील एवं ब्लाक मुख्यालय वाले भटवाड़ी में आपदा के पांच साल बाद भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौट पाई है। वर्ष 2013 में भू-धंसाव से तबाह हुए तहसील भवन के खंडहर अभी तक नहीं हटाए गए हैं। चड़ेथी भटवाड़ी में करीब सौ मीटर हिस्से में तबाह हुआ गंगोत्री हाईवे पांच साल से लोनिवि के एक गैराज से तैयार संकरे रास्ते से ही गुजर रहा है।
वर्ष 2010 में भू-धंसाव से भटवाड़ी कस्बे में दर्जनों मकान एवं दुकानें जमींदोज हो गए थे। वर्ष 2012-13 की आपदा में यहां गंगोत्री हाईवे का बड़ा हिस्सा तबाह होने के साथ ही तहसील भवन धंस कर खंडहर में तब्दील हो गया था। तब से यह यात्रा पड़ाव उजाड़ पड़ गया है। अब यात्री वाहन यहां नहीं ठहरते, जिससे यात्रा पर टिकी होटल व्यवसायियों की आजीविका चौपट हो गई है। गंगोत्री हाईवे लोनिवि के एक गैराज को तोड़कर तैयार किए गए संकरे रास्ते से गुजर रहा है। यात्रा सीजन में यहां जाम की स्थिति बनती है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं होटल व्यवसायी राघवानंद नौटियाल, धीरेंद्र, विपिन राणा, विकास, विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने बैंकों से ऋण लेकर होटल तैयार किए थे। वाहन पार्किंग एवं व्यवस्थित यात्रा मार्ग नहीं होने के कारण अब तीर्थयात्री यहां नहीं ठहरते, जिससे उनके समक्ष आजीविका के साथ ही बैंकों का ऋण लौटाने की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने प्रशासन से खंडहर हुए तहसील भवन को हटाकर यहां वाहन पार्किंग बनवाने तथा गंगोत्री हाईवे दुरुस्त कराने की मांग की है।
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भटवाड़ी में भूधंसाव से तबाह हुए तहसील भवन के खंडहर हटवाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इसे हटवाकर यहां पार्किंग एवं गंगोत्री हाईवे दुरुस्त कराया जाएगा।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।