उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे पर डामरीकरण में घटिया गुणवत्ता से निर्माण कार्य का मामला सामने आया है। यहां अधिकारी साढ़े तीन करोड़ के बजट को ठिकाने लगाने का काम कर रहे हैं, जिस पर डीएम डा. आशीष चौहान ने एसडीएम डुंडा सौरभ असवाल को मामले की जांच सौंपी है।
इन दिनों यमुनोत्री हाईवे पर धरासू बैंड से कल्याणी तक छह किमी सड़क पर डामर चल रहा है। इनमें पांच किमी तक एक लेन में काम होना है, जबकि एक किमी पूरा डामर होना है। जहां सड़क ज्यादा खराब है, जिसमें घटिया गुणवत्ता की शिकायत है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से शिकायत की है। ब्रह्मखाल के महावीर रावत का कहना है कि डामरीकरण में कम से कम तीन कोट होने जरूरी हैं। लेकिन यहां हाईवे पर संपर्क मार्ग से भी घटिया कार्य किया जा रहा है। मानकों की अनदेखी का आलम यह है कि रात के अंधेरे में काम निपटाया जा रहा है। यहां पत्थरों को बिछाकर सिर्फ एक ही कोट किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य होने के कुछ दिन बाद ही डामर उखड़ जाएगा।
वहीं मामले में एनएच के अधिशासी अभियंता नवनीत पांडेय का कहना है कि धरासू बैंड से कल्याणी तक छह किमी सड़क पर यह निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए साढ़े तीन करोड़ का बजट है। 2011-12 में यहां एक कोट कम पड़ा था। इसलिए इन दिनों वहां एक कोट फिर से बिछाया जा रहा है। मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसमें किसी प्रकार की गुणवत्ता की शिकायत नहीं है। डीएम डा आशीष चौहान का कहना है कि मामले की जांच एसडीएम डुंडा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।