उत्तरकाशी/गोपेश्वर। गंगोत्री धाम में कपाट 20 अक्तूबर तो चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को बंद हो जाएंगे। गंगोत्री मंदिर के कपाट अन्नकूट के पावन पर्व पर पूर्वाह्न 11.40 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल ने बताया कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद 11.50 की शुभ बेला में मां गंगा की डोली प्रस्थान करेगी। शीत प्रवास के छह माह तक श्रद्धालु मुखबा में मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे। वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद पहली बार गंगोत्री धाम में 3,94,660 और यमुनोत्री धाम में 378103 यात्री दर्शन कर चुके हैं। वहीं, चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को सुबह छह बजे विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। रुद्रनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जनार्दन प्रसाद तिवाड़ी ने बताया कि 17 अक्तूबर को कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की विग्रह डोली शाम पांच बजे गोपेश्वर नगर भ्रमण के बाद गोपीनाथ मंदिर में स्थापित कर दी जाएगी। शीतकाल में रुद्रनाथ की नित्य पूजाएं गोपीनाथ मंदिर में संपन्न होंगी। 18 मई को रुद्रनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। इस वर्ष 13654 तीर्थयात्रियों ने भगवान रुद्रनाथ के दर्शन किए, जबकि बीते वर्ष तक यहां पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या दस हजार ही थी।