बड़कोट। यमुनोत्री क्षेत्र के सरनौल से सरुताल-हनुमानचट्टी ट्रैक के सुधारीकरण कार्य में हुई गड़बड़ी की जांच पर गई टीम खानापूर्ति कर लौट आई है। प्रमुख वन संरक्षक की ओर से मामले की जांच के आदेश के बाद 25 सितंबर को एसडीओ के नेतृत्व वाली टीम की ओर से कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया जाना था, लेकिन बिना उच्च अधिकारियों वाली टीम द्वारा आधी-अधूरी जांच कर मामले में लीपापोती कर दी गई है।
अपर यमुना वन प्रभाग के 35 किमी लंबे इस ट्रैक के सुधारीकरण के लिए आपदा मद से 1 करोड़ 70 लाख रुपये का बजट मिला था, जिसमें ठेकेदारों ने मानकों की अनदेखी कर कई गड़बड़ी की थी, जिसकी शिकायत मिलने पर उच्च अधिकारियों द्वारा मामले के स्थलीय निरीक्षण के आदेश दिए गए थे। जिसमें एसडीओ, रेंजर सहित अन्य अधिकारियों को जांच करनी थी, लेकिन अधिकारियों के बदले, वन दरोगा और वन रक्षकों के नेतृत्व वाली टीम दो किमी घूम कर लौट आई। जांच टीम के साथ गए शिकायतकर्ता विशाल सिंह रावत ने बताया कि कर्मचारियों ने पूरे 23 किमी हिस्से की जांच नहीं की है। सिर्फ दो किमी के हिस्से में ही कई खामियां पाई गई थी, जबकि असली हालात तो आगे के ट्रैक में पता चलते। उधर, डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। उच्च अधिकारी निरीक्षण में गए या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन रिपोर्ट एसडीओ को ही देनी है, जिसे उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा।