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गोमुख का बांया हिस्सा घंसने से कुछ देर थमा भागीरथी का प्रवाह

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भागीरथी की धारा मुड़ी, गंगोत्री ग्लेशियर टूटा
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-ग्लेशियर के एक किमी हिस्से में आईं दरारें
-ग्लेशियर टूटने से कुछ देर के लिए थमा भागीरथी का बहाव
उत्तरकाशी।
भागीरथी की तेज धारा गंगोत्री ग्लेशियर के बायीं तरफ घुसने से गोमुख की तरफ वाला ग्लेशियर का हिस्सा तकरीबन 40 मीटर टूट गया है। ग्लेशियर का हिस्सा टूट कर गिरने से भागीरथी का प्रवाह लगभग 15 मिनट तक बाधित रहा। नदी में पानी कम दिखने से लोग अनहोनी की आशंका करने लगे। एनडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हुई है। बाद में प्रवाह सामान्य हो गया। गंगोत्री के चतुरंगी तथा रक्तवन सहायक ग्लेशियर का करीब एक किमी हिस्सा खाली होने से यहां बह रहा पानी सीधे मुख्य ग्लेशियर में मिल रहा है।
छोटे-छोटे ग्लेशियर जिन्हें बामक कहा जाता है, गंगोत्री ग्लेशियर का ही हिस्सा हैं। रविवार की रात्रि को गोमुख की तरफ का बायां हिस्सा टूट गया। ग्लेशियर बॉडी पर और भी कई स्थानों पर दरारें आई हैं। ग्लेशियर के इस हिस्से में जमा रेत, पत्थर, मिट्टी ने भागीरथी का बहाव बदल दिया। कुछ देर के लिए पानी का प्रवाह थम गया। इसके 15 मिनट बाद बहाव सामान्य हुआ तो भागीरथी में रेतीले पानी का सैलाब नीचे गंगोत्री की ओर पहुंचा।
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प्रत्यक्षदर्शी बिंकी जोशी, सत्येंद्र सेमवाल बताते हैं कि पानी भागीरथी शिला की सीढ़ियों तथा हाल ही में बनी सुरक्षा दीवार के ऊपर तक पहुंच गया। गोमुख तपोवन और रक्तवन की ओर ट्रेकिंग ग्रुप ले जाने वाले टूर आपरेटर करन कुटियाल बताते हैं कि करीब ढाई किमी ऊपर की ओर रक्तवन तथा करीब सात किमी चतुरंगी ग्लेशियर का गंगोत्री ग्लेशियर से जुड़ाव वाला हिस्सा एक किमी तक खाली हो गया है। नंदनवन जाने के लिए गंगोत्री ग्लेशियर के करीब आठ किमी हिस्से में बड़ी दरारें पड़ी हैं। दरारों से बचने के लिए पर्यटकों को कई किमी का चक्कर काट कर पहुंचना पड़ रहा है। वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विज्ञानियों की टीम ग्लेशियर की स्थिति के अध्ययन में जुट गई है।
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गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रताप पंवार ने स्वीकार किया कि रविवार को गोमुख के बायीं ओर का बड़ा हिस्सा और पहाड़ी भी यहां टूटी है, जिससे अब इस स्थान पर भागीरथी ने अपना रास्ता बदल दिया। कुछ देर पानी रुकने के बाद प्रवाह सामान्य हो गया।
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