काशीपुर। प्रधान बनने की चाह में अनुसूचित जाति की दो महिलाएं मुस्लिमों से निकाह रचाने के बाद जीनत और रुबी बन गईं। अपने पैतृक गांवों की मतदाता सूचियों से नाम निरस्त कराकर इन दोनों ने काशीपुर की गुलड़िया ग्रामसभा की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। प्रशासन इनके आवेदन पत्रों की जांच कर रहा है। फिलहाल मतदाता सूची में इन महिलाओं का नाम शामिल नहीं किया जा सका है। इससे पहले भी बाजपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आ चुका है।
काशीपुर खंड विकास क्षेत्र की गुलड़िया ग्रामसभा में प्रधान पद इस बार एससी महिला के लिए आरक्षित है। इस ग्राम सभा में कुल 1725 मतदाता हैं, जबकि सिर्फ 38 मतदाता दलित समाज से हैं। अल्पसंख्यक बहुल गांव में प्रधानी का पद आरक्षित होने के बाद चुनाव की तैयारी में लंबे समय से जुटे दावेदारों की हसरतों पर पानी फिर गया, लेकिन प्रधानी के पद की चाह में दो परिवारों ने बड़ा दांव चल दिया। गुलड़िया में निवर्तमान प्रधान महिला है। प्रधान पति की उम्र 55 के पार है। उनके पुत्र वारिस ने एमबीबीएस कर रखा है। एक वर्ष पूर्व परिजनों ने अपनी ही बिरादरी में उसका रिश्ता तय कर दिया था।
निवर्तमान प्रधान के पति पर सियासी जुनून इस कदर हावी है कि प्रधानी घर में बरकरार रखने के लिए उसने अपने पुत्र वारिस का निकाह छह सितंबर को चांदपुर (मुरादाबाद) निवासी युवती से करा दिया। 09 सितंबर को उनका विवाह उप निबंधक कार्यालय में पंजीकृत भी हो गया। वारिस से निकाह करने वाली एससी युवती भी स्नातक है और निजी अस्पताल में नर्स है। निकाह के बाद जीनत बन चुकी इस युवती ने अपने पैतृक गांव की मतदाता सूची से नाम कटवाकर ग्राम गुलड़िया की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया।
इसी गांव में रिफाकत भी कई माह से प्रधान पद की दावेदारी में जुटा था। रिफाकत दो बच्चों का पिता है। चुनाव लड़ने के लिए पत्नी के विरोध के बावजूद उसने भी एक एससी महिला से निकाह कर लिया। यह महिला सेहल, मुरादाबाद की रहने वाली है। उसका विवाह काशीपुर के ही एक गांव में हुआ था। वह भी मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। चुनाव लड़ने के लिए इस महिला ने अपने पति को छोड़ दिया। इस जोड़े ने भी अपना निकाह उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत कराया है। निकाह के बाद उसने अपना नाम बदलकर रूबी कर लिया है। इन दोनों महिलाओं ने अपने नाम गुलड़िया की मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवेदन किया है।
एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी को इन आवेदनों पर जांच के आदेश दिए हैं। ग्राम विकास सचिव ने अपनी जांच रिपोर्ट में सूची में नए नाम जोड़ने पर विवाद की आशंका जताई है। फिलहाल उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सके है।
खंड विकास अधिकारी दिनेश जोशी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अंतिम तिथि 13 सितंबर थी। अब इन आवेदनों पर कार्रवाई संभव नहीं है।
उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह तोमर ने कहा कि ग्राम गुलड़िया में दो एससी महिलाओं ने मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन दिए हैं। इस मामले में खंड विकास अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने की अवधि समाप्त हो चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह प्रकरण राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा।
निकाह में मेहर की राशि महज 5-5 हजार
काशीपुर। दोनों महिलाओं के निकाह में मेहर की रकम सिर्फ पांच-पांच हजार रुपये तय की गई है। मेहर की राशि बहुत कम होने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लेन-देन की अफवाहें भी जोरों पर हैं। चर्चा यह भी है कि दस्तावेजी खानापूर्ति के लिए ही इस तरह के रिश्ते का दिखावा किया है।