रुद्रपुर। एक फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करने वाले युवक की घर में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। गोली लगने से मृतक के चेहरे के दाहिने हिस्से के चीथड़े उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से तमंचा और खोखा बरामद किया है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस प्रथम दृष्टया घटना को आत्महत्या मान रही है और शक के आधार पर मृतक के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है।
पुरानी चौकी वाली गली पहाड़गंज में धीरेंद्र कुमार (31) पुत्र जगदीश कुमार अपने पांच अन्य भाइयों और मां के साथ रहता था। वह सिडकुल की किसी कंपनी में वेल्डर था। बृहस्पतिवार सुबह घर पर धीरेंद्र के अलावा उसकी मां सुदामा देवी, भाभी लीलावती और भाई नरेंद्र थे। उसकी बड़ी भाभी प्रतिमा छठ पर्व के लिए मायके जाने को निकली थी। मां सुदामा देवी ने बताया कि वह रसोई में धीरेंद्र के लिए वह खाना लगा रही थी और बाहर टहल रहे बेटे नरेंद्र को उसने धीरेंद्र को खाना देने के लिए कहा था। नरेंद्र पानी का जग लेकर कमरे में पहुंचा था तो धीरेंद्र लहूलुहान जमीन पर पड़ा था और खून कमरे से बाहर निकल रहा था।
कमरे में धीरेंद्र के साथ क्या घटना हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। सूचना पर एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, एसपी सिटी देवेंद्र पींचा, एसपी क्राइम प्रमोद कुमार, सीओ अमित कुमार, कोतवाल एनएन पंत, एसएसआई कुलदीप अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना कर परिजनों से पूछताछ की। फोरेंसिक टीम ने भी कमरे से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने जब औंधे मुंह गिरे धीरेंद्र को पलटा तो 315 बोर का तमंचा और खोखा बरामद हुआ। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक की भाभी लीलावती ने बताया कि उन्होंने पटाखा जैसी आवाज सुनी थी लेकिन उन्हें मालूम नहीं कि गोली चली थी।
कोतवाल एनएन पंत ने बताया कि कमरे से तमंचा और खोखा मिला है। जांच मेें किसी लड़की को लेकर मृतक के परेशान रहने की बात सामने आई है। मृतक ने सहकर्मियों से भी तनाव और आत्मघाती कदम उठाने की चर्चा की थी। यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में असल वजह पता चलेगी।
कमरे की दीवारों पर बिखरे खून के छींटे, मांस के लोथड़े
रुद्रपुर। धीरेंद्र के कमरे की छत और दीवारों पर जगह-जगह खून के छींटे पड़े हुए थे। इसके अलावा कुछ जगह मांस के छोटे लोथड़े भी चिपके हुए थे। गोली लगने के बाद धीरेंद्र के शरीर से खून निकलकर जमीन पर बहने के साथ ही दीवारों पर भी छींटे पहुंच गए थे। ब्यूरो
छह भाइयों में चौथे नंबर का था मृतक
रुद्रपुर। पहाड़गंज में मृतक अपने पांच भाइयों के साथ रहता था। वह दिवाली के बाद कंपनी में काम करने नहीं गया था। उसके दो भाई भूपेंद्र कुमार और मुनेंद्र विवाहित हैं जबकि नरेंद्र, धीरेंद्र, मनोज और सतेंद्र अविवाहित हैं। सभी भाई मजदूरी और वाहन चलाने का काम करते हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनका एक बेटा नरेंद्र नशे का आदी था। कुछ समय पूर्व ही उसने नशा छोड़ा था। वह अधिकांश समय घर पर ही रहता था। मृतक की मां ने बताया कि यह मकान उसके ससुर ने बनाया था। घटना के समय कमरे का दरवाजा बंद था। ब्यूरो
प्लेट में रखी रह गई रोटी और कटोरी में दाल
रुद्रपुर। मां सुदामा देवी ने बताया कि उसने धीरेंद्र और परिजनों के लिए खाना बनाया था। बेटे धीरेंद्र को रोटी देने से पहले उसने नरेंद्र को कमरे में पानी रखने के लिए बोला था। खुद रसोई में प्लेट में रोटी रखने के साथ चूल्हे पर दाल गर्म करने को रखी थी लेकिन उसे क्या पता था कि ये रोटियां धीरेंद्र नहीं खा पाएगा। ब्यूरो
खून से सना था जिम करने वाला डंबल
रुद्रपुर। पुलिस जब कमरे में पहुंची तो धीरेंद्र औंधे मुंह गिरा था और खून बहकर कमरे से बाहर तक आया था। पुलिस को कमरे से खून से सना डंबल मिला। इससे पुलिस अंदेशा लगा रही थी कि इससे हत्या को अंजाम दिया गया होगा लेकिन शव का मुआयना करने और तमंचा मिलने के बाद पुलिस ने घटना में तमंचे का प्रयोग होना पाया। हालांकि पुलिस पूरी तरह से आत्महत्या को लेकर आश्वस्त नहीं है।
बड़ा सवाल : परिजनों को कैसे नहीं सुनाई दी गोली की आवाज
रुद्रपुर। पहाड़गंज में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से युवक की मौत के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। घर में मौजूद मां सहित तीन सदस्यों को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई देना आसानी से गले नहीं उतर रहा है। हालांकि घटना के कुछ घंटों बाद मृतक की भाभी ने पटाखा जैसी आवाज सुनने की बात कही है लेकिन परिजनों ने मृतक के तनाव में रहने की बात से इनकार किया है।
बृहस्पतिवार सुबह पहाड़गंज स्थित घर में धीरेंद्र अपने कमरे में था। जबकि उसका भाई नरेंद्र, भाभी लीलावती, मां सुदामा देवी को छोड़कर अन्य भाई काम पर गए थे। उसकी सबसे बड़ी भाभी छठ पर्व मनाने के लिए मायके जाने को निकली थी। परिजनों के मुताबिक जब नरेंद्र पानी देने कमरे में गया तो धीरेंद्र लहूलुहान हालत में पड़ा था।
पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर पूछताछ की तो तीनों परिजनों ने घटना के बारे में अनभिज्ञता जताई थी लेकिन पुलिस की छानबीन में तमंचा मिला और शव को बाहर निकालकर देखा गया तो चेहरे के दाहिने हिस्से के चीथड़े उड़े थे। पुलिस ने जब गोली चलने के बारे में पूछताछ की तो परिजनों ने गोली चलने की आवाज सुनने से इनकार कर दिया था।
हैरत की बात है कि मकान में जिस कमरे में मृतक था, उससे सटी रसोई में उसकी मां और दूसरे कमरे में भाभी थी। इसके अलावा मकान के बरामदे में नरेंद्र टहल रहा था। हालांकि एसएसपी कुंवर ने भाभी और मां से अलग-अलग पूछताछ की थी। इसमें भाभी ने पटाखा जैसी आवाज सुनने की बात कही थी।
घटनास्थल का मुआयना, परिस्थितियों को देखने और परिजनों से बातचीत में 80 फीसदी यह घटना आत्महत्या प्रतीत हो रही है। शव के नीचे तमंचा मिला है और ऐसा लग रहा है कि उसने दाएं हाथ से कपनटी पर तमंचा सटाकर फायर किया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असल वजह पता चलेगी। - दलीप सिंह कुंवर, एसएसपी।
रुद्रपुर के पहाड़गंज में मृतक की भाभी से पूछताछ करते एसएसपी।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के पहाड़गंज में मृतक के कमरे से बरामद तमंचा व खोके।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में पहाड़गंज के मृतक धीरेंद्र कुमार का फाइल फोटो।- फोटो : RUDRAPUR