काशीपुर। चैती में स्थित भगवती बाल सुंदरी के मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के चारों ओर 15 पूजनीय स्थल है। श्रद्धालु भगवती के मुख्य मंदिर समेत दो वृक्षों की भी पूजा करते हैं। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मुख्य मंदिर में भगवती का शक्ति पीठ है। इसके चारों ओर कुबेर मंदिर, भैरो मंदिर, गणेशजी का मंदिर, श्रवणकुमार का मंदिर, रामदरबार, नाग देवता का मंदिर, खुजली माता का मंदिर, लंकुर योगन का मदिर, मां काली, यज्ञशाला, ललिता देवी का मंदिर, पंच वृक्ष, कदंब वृक्ष है।
श्रद्धालु मुख्य मंदिर में पूजा करने के बाद एक-एक कर सभी में प्रसाद चढ़ाते हैं। हर देवी, देवता की अपनी अलग-अलग मान्यता है। श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में पंच वृक्ष का विशेष महत्व है। मंदिर के पश्चिम में पंच वृक्ष है। इसका तना एक है लेकिन इसके ऊपरी भाग में बरगद, पीपल, पाखड़, आम, नीम के वृक्ष है। इसी प्रकार कदम का वृक्ष है, जो तना से लेकर टहनी तक खोखला है। भारी आंधी चलने पर भी यह सुरक्षित है जो चमत्कार से कम नहीं है। शनिवार को भी देवी दर्शन, पूजा, अर्चना करने वालों की कतार लगी रही। पंडाओं ने इस साल आम लोगों को करीब से देवी के दर्शन की व्यवस्था की थी।
काशीपुर। भगवती रविवार की रात तक ही चैती मंदिर में सार्वजनिक दर्शन देंगी। रविवार की मध्यरात्रि मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री पूजा, अर्चना के बाद भगवती की प्रतिमा को लेकर डोली में बैठकर जुलूस के साथ देवी को पक्काकोट स्थित नगर मंदिर ले जाएंगे। अगले साल तक देवी किसी को दर्शन नहीं देगी। देवी जुलूस के साथ बड़ी संख्या में पुलिस जाएगी।
काशीपुर। मेला में भारी अव्यवस्था है खेल तमाशा क्षेत्र में जहां एक ही स्थान पर सभी खेल संसाधन है। वहां पर हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। इतनी धूम उड़ती है कि लोगों को सांस लेना कठिन हो जाता है। शो शुरू होने से पहले धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है। पॉलिथीन पर रोक लगाने की घोषणा के बाद भी धड़ल्ले से पॉलिथीन की थैलियों में सामान बिक रहा है।
काशीपुर। तुमड़िया जलाशय में पानी न होने से चैती मैदान के पास से गुजरने वाली महादेव नहर में पानी नहीं है। लोगों के लिए नहाने की व्यवस्था करने के लिए सिंचाई विभाग ने नहर में अस्थायी दीवार बना दी। पीछे से आने वाले पानी को रोक कर तालाब बना दिया। इसमें जानवरों के नहाने और मिल का प्रदूषित पानी आने से यह नहाने के लायक नहीं है।