सिडकुल पंतनगर से हटाए गए करीब 850 अस्थायी श्रमिकों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। वह स्वरोजगार की तलाश में इधर-उधर हाथ पैर मार रहे हैं। उनकी ओर से विभागों में जाकर भी स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
दरअसल सिडकुल पंतनगर की मैगी निर्माता नेस्ले फैक्ट्री फैक्ट्री में राज्य सरकार के निर्देश के बाद चार जून से उत्पादन बंद चल रहा है। फैक्ट्री में नौ सौ स्थायी श्रमिकोें के अलावा 11 सौ अस्थायी श्रमिक भी जुड़े थे, मगर श्रम विभाग सूत्रों के अनुसार 11 सौ में से 250 ही वर्तमान मेें फैक्ट्री में काम के लिए बुलाए जा रहे हैं, जबकि काम एवं जरूरत न होने के कारण 850 अस्थायी श्रमिकों को नहीं आने का फरमान सुनाया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार ऐसे श्रमिक पर्यटन विभाग, उद्योग, ग्रामोद्योग, समाज कल्याण सहित अन्य विभागों में जाकर स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि अनुदान एवं बैंक से लोन के आधार पर स्वरोजगार स्थापित कर सकें। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में फैक्ट्री में कार्यरत अन्य श्रमिकों को भी रोजगार छिनने का भय सता रहा है। फिलहाल फैक्ट्री में तीन माह के लिए उत्पादन में रोक लगी हुई है।