काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन तीन बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा लेकिन अभियान फुटपाथ और मामूली अतिक्रमण हटाने तक ही सीमित रहा। बड़े अतिक्रमणकारियों के आगे प्रशासन का बुलडोजर नहीं टिक सका। चार घंटे की कार्रवाई में डीडी चौक के पास गांधी पार्क की दीवार और सरकारी स्कूल की दीवार का हिस्सा ध्वस्त किया गया जबकि काशीपुर बाईपास पर दुकानों के सामने बने टिनशेड, चबूतरे और छोटी दीवारों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने विरोध जताते हुए प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उनका कहना था कि रक्षाबंधन समेत त्योहारों से पहले कार्रवाई से कारोबार प्रभावित होगा। कुछ व्यापारियों ने सड़क चौड़ीकरण का विरोध न करते हुए निर्माण कार्य की समयसीमा और बजट पर सवाल भी उठाए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी और निर्माण कार्य में बाधा बनने वाले अतिक्रमण हटाए जाएंगे। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। बता दें कि लोक निर्माण विभाग ने काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण के लिए 56 दुकानों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। बुधवार को नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद कार्रवाई शुरू हुई लेकिन पहले दिन स्थायी निर्माणों के बजाय फुटपाथ और छोटे अतिक्रमण हटाने तक ही अभियान सीमित रहा। इससे बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की संभावना फिलहाल टल गई। बुलडोजर देखकर खुद हटाने लगे टिनशेड बुलडोजर और पुलिस बल को मौके पर पहुंचते देख कई दुकानदार खुद ही अपनी दुकानों के आगे बने टिनशेड, छज्जे और अस्थायी ढांचे हटाने में जुट गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील की जिसके बाद कुछ व्यापारियों ने मजदूर बुलाकर निर्माण हटाना शुरू कर दिया। इससे कई स्थानों पर बुलडोजर चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। कार्रवाई के दौरान जाम में फंसी एंबुलेंस अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान काशीपुर बाईपास पर लंबा जाम लग गया। बुलडोजर, पुलिस वाहन और सड़क पर खड़ी भीड़ के कारण यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा। इसी दौरान एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई जिसे पुलिस कर्मियों ने लोगों को हटाकर धीरे-धीरे निकलवाया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई राहगीरों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। देर से घर पहुंचे स्कूली बच्चे बाईपास पर चले अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा। दोपहर के समय स्कूलों की छुट्टी होने पर बसें और वैन जाम में फंस गईं। ऐसे में कई बच्चे सामान्य समय से काफी देर बाद घर पहुंचे। अभिभावकों को भी बच्चों के इंतजार में परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई ऐसे समय की जाए जब स्कूलों की छुट्टी और अधिक यातायात का दबाव न हो। पुलिस छावनी में बदला बाईपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को देखते हुए काशीपुर बाईपास पर सुबह से ही पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहा। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया था। व्यापारियों के विरोध के बावजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही। पूरे अभियान के दौरान क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया, हालांकि कोई बड़ी कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। व्यापारी नेता बोले, पहले टेंडर दिखाए पीडब्ल्यूडी काशीपुर बाईपास पर पहुंचे व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए अभी धनराशि स्वीकृत नहीं हुई है। ऐसे में जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने विभाग से टेंडर की प्रति सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि पहले से अधूरे पड़े निर्माण कार्यों की स्थिति सभी के सामने है। उनका कहना था कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन बिना ठोस तैयारी के कार्रवाई से आम जनता और व्यापारियों को परेशानी होगी। बजट जारी, टेंडर प्रकिया के बाद शुरू हुआ अतिक्रमण हटाने का काम : विधायक विधायक शिव अरोरा ने बाजार में चल रही बजट जारी न होने वाली भ्रांतियों पर अपना बयान जारी किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बजट जारी होने के बाद की गई है। बताया कि ऊर्जा निगम ने इसी साल ई निविदा चार फरवरी को आमंत्रित की थी। जल संस्थान विभाग ने 25 मार्च को पानी की पाइप लाइन शिफ्ट करने संबंधित ई-निविदा आमंत्रित की। वहीं लोनिवि ने व्यापारियों को पूर्व में नोटिस बांटे गए थे।