काशीपुर। चंपावत जिले के खेतीखान क्षेत्र की महिलाओं ने पिरूल से स्वरोजगार किया। महिलाओं के स्टार्टअप को आईआईएम काशीपुर से 25 लाख रुपये का अनुदान मिला है।
महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली बहनों नुपुर और शर्वरी पोहारकर ने पिरूल हैंडीक्राफ्ट्स की स्थापना की। पेशे से पशु चिकित्सक डॉ. नुपुर पोहारकर वर्ष 2021 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप के तहत उत्तराखंड के खेतीखान पहुंचीं। चंपावत में कार्य के दौरान उन्होंने देखा कि पिरूल न केवल जंगलों में आग का कारण बनता है बल्कि इसके धीमे अपघटन से भूजल स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पिरूल को उपयोगी हस्तशिल्प उत्पादों में परिवर्तित करने की पहल शुरू की। फीड आईआईएम काशीपुर ने महिलाओं के स्टार्टअप को 25 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जिसमें से 12.5 लाख रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। यह अनुदान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत प्रदान किया गया है।
100 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार
पिरूल हैंडीक्राफ्ट्स से सात गांवों की 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। महिलाएं प्लांटर्स, बालियां, सर्विंग ट्रे, स्टोरेज बॉक्स, राखियां, गृह सज्जा एवं फैशन उत्पाद तैयार कर रही हैं। स्थानीय सरकारी संस्थाओं और कॉर्पोरेट कंपनियों से भी नियमित रूप से बड़े ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं।