खटीमा। जिला उद्योग केंद्र की ओर से शुक्रवार से कुटरी और उमरूकला गांव में थारू बुक्शा जनजाति विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत दो माह का प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। सहायक प्रबंधक संजय भट्ट ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस प्रशिक्षण के तहत मूंज, कांस और पूजा घास से विभिन्न प्रकार के समान बनाएं जाएंगे जिसमें टोकरी फूलदान चपाती बॉक्स, फ्लावर पोर्ट, टी कोस्टर, प्लेट कोस्टर आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मास्टर ट्रेनर समुद्री देवी और सावित्री देवी ने बताया कि इन्हें विभिन्न रंगों में रंग कर तैयार किया जाएगा।
जागृति सेवा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत लोहनी ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में लगने वाले विभिन्न मेलों में इन उत्पादों को ले जाया जाएगा। दोनों परीक्षण केंद्रों में 20-20 महिलाओं का चयन किया गया। प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं को प्रतिदिन 150 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।