काशीपुर में हरिद्वार से कांवर लेकर पहुंची एक महिला।
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एक समय था जब पुरुष ही कांवड़ लाते थे। लेकिन, महिलाएं भी कांवड़ ला रही हैं। हर साल हरिद्वार से कांवड़ लाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। शिवरात्रि पर 143 किलोमीटर पैदल चल कर महिलाएं शिव का जलाभिषेक कर रही हैं। इस बार क्षेत्र से कांवड़ लाने वालों में 35 फीसदी महिलाएं और लड़कियां हैं। महिलाओं के अनुसार वह मन्नत पूरी होने और मन की शांति के लिए कांवड़ लेने जाती हैं। रास्ते में पड़ने वाली कठिनाइयों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि जब किसी काम को करने का संकल्प लिया जाता तो मुश्किल रास्ता भी आसान हो जाता है।
सातवीं बार घर से अकेले कांवड़ लेकर आ रही हूं। भक्ति में न तो रास्ता लंबा लगता है, न ही थकान होती है। कांवड़ लेकर आने में मन को शांति मिलती है।
किरन गुप्ता, विवेक नगर, रुद्रपुर
दूसरी बार कांवड़ लेकर आ रही हूं। शिवजी की परिवार पर बड़ी कृपा रही है। जगह-जगह रुकने की अच्छी व्यवस्था थी। रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
बबली, गौशाला, काशीपुर।
भोले शंकर की कृपा से मैं दूसरे साल बिना किसी परेशानी के सकुशल कांवड़ लेकर आ रही हूं। मेरे पति भी साथ है। मैं महादेव की रोजना पूजा अर्चना करती हूं। -
रोहनी चौहान, काशीपुर
मेरे पति बीमार रहते हैं। भोले से बीमारी ठीक होने की मन्नत मांगी है, इसलिए पति के साथ कांवड़ लेकर आईं हूं। महादेव की कृपा से थकान नहीं लगी है। -
मिथलेश, ग्राम मोतीपुरा, थाना स्वार (रामपुर) यूपी।
15 फुट लंबी कांवड़ लेकर काशीपुर पहुंचे शिव भक्त
काशीपुर। इस बार भोले के भक्त 15 फुट की कांवड़ में हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए हैं। डिफेंस कालोनी कुंडेश्वरी निवासी मोनू, मनीष कश्यप, कपिल सैनी, विजय कश्यप, सुमित ने 15 फुट लंबी और ऊंची कांवड़ बना कर हरिद्वार से गंगा जल लेेकर आए हैं। कांवड़ बनाने में लगभग दस हजार रुपये खर्च आया है।