डिस्टलरी में काम करने पर लगी पाबंदी से भड़की महिला मजदूरों ने धरना, प्रदर्शन कर प्रभारी एक्साइज इंस्पेक्टर का घेराव किया। महिला मजदूरों के समर्थन में अन्य मजदूरों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया।
जद्दोजहद के बाद एक्साइज इंस्पेक्टर ने मात्र बोतल सफाई, बाहरी कार्य के लिए महिला मजदूरों को काम पर लगा लिया। एक्साइज इंस्पेक्टर ने लेबर ठेकेदार को तीन चार दिन के भीतर शुगर मिल प्रधान प्रबंधक से लिखित सहमति पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। हंगामे के चलते करीब दो घंटे तक डिस्टलरी में काम ठप रहा।
बता दें कि मंगलवार को एक्साइज इंस्पेक्टर पन्ना लाल ने नियमों का हवाला देते हुए डिस्टलरी में महिला मजदूरों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बुधवार सुबह आठ बजे डिस्टलरी पहुंची महिला मजदूरों ने गेट पर धरना प्रदर्शन कर एक्साइज इंस्पेक्टर पन्ना लाल का घेराव किया।
इस दौरान महिला मजदूरों ने नारेबाजी कर मिल प्रशासन को खरी खोटी सुनाई। महिला मजदूरों का आरोप है कि 2007 से डिस्टलरी के अंदर गोदाम सहित अन्य स्थानों पर ठेकेदार की तरफ से दिहाड़ी करती आ रही है। दिहाड़ी करके उनके परिवार की गुजर बसर हो रही है।
लेकिन मिल प्रशासन ने नया नियम बताकर उन्हें काम से रोका जा रहा है। महिला मजदूरों ने एक्साइज इंस्पेक्टर से काम पर लगाने के लिए गुहार लगाई। इधर महिला मजदूरों के समर्थन में पुरुष मजदूरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। जिससे डिस्टलरी का कार्य बंद हो गया। वहां सीरीन, कमलेश, रानी, माया, कमला, बबीता आदि थे।