काशीपुर। ग्राम शिवलालपुर डल्लू की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि हुनर और हौसला हो तो गांव में रहकर भी आत्मनिर्भर बना जा सकता है। शक्ति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई को स्वरोजगार का सशक्त जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता का मॉडल पेश किया है।
अध्यक्ष विमला देवी ने बताया कि समूह में प्रभा देवी सचिव और कमला देवी कोषाध्यक्ष हैं। भगवती देवी, चांदनी देवी, शोभा देवी, पुष्पा कुशवाह, गंगा, प्रिया नेगी, यशोदा देवी सहित कुल 11 महिलाएं इस समूह से जुड़ी हैं। सभी महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं और अब सिलाई कार्य में पूरी तरह दक्ष हैं। महिलाओं ने बताया कि वे पेंट-शर्ट, कुर्ता-पजामा, ब्लाउज, ब्राइडल लहंगा, लेडीज सूट की सभी वैरायटी, प्लाजो, सलवार-सूट समेत सभी प्रकार के आधुनिक और पारंपरिक परिधानों की सिलाई करती हैं। काम में फिनिशिंग और डिजाइन का विशेष ध्यान रखा जाता है जिससे उनके बनाए कपड़ों की आसपास के क्षेत्रों में काफी मांग है।
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ऑर्डर से बुटीक तक का सफर
अध्यक्ष विमला ने बताया कि पहले महिलाएं आसपास के गांवों और परिचितों से मिलने वाले ऑर्डर पर घर से ही काम करती थीं। ऑर्डर बढ़ने और आत्मविश्वास आने के बाद समूह ने गांव में ही एक छोटा बुटीक खोलने का निर्णय लिया। बुटीक खुलने के बाद अब उन्हें स्थानीय स्तर पर ही नियमित ऑर्डर मिलने लगे हैं। इससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है। रीप परियोजना से मिलने वाले सहयोग से भी महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति जागरूकता आई है। पहले जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं आज वे परिवार की आर्थिकी में बराबर का योगदान दे रही हैं।