प्रेम प्रसंग में बाधक बने पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने ही उसकी हत्या कराई थी। घर में छिपे उसके प्रेमी ने अपने साथी की मदद से कोर्ट कर्मी की गला दबाकर और चाकू से हमलाकर हत्या की और साक्ष्य छिपाने के लिए शव ऑल्टो कार में ले जाकर कुंडा थाना क्षेत्र में फेंक दिया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत तीनों हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और शव ठिकाने लगाने में प्रयोग की गई कार बरामद कर ली गई है।
कुंडा के ग्राम प्रधान मो. हनीफ की सूचना पर कुंडा थाना पुलिस ने 15 जनवरी सुबह ज्वाल्पा पेट्रोल पंप के पास से एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। मृतक की शिनाख्त सरवरखेड़ा निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई। वह रुद्रपुर में जिला न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत था। मृतक की दांयी आंख फूटी हुई थी और गले में घाव से खून रिस रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विनोद की मौत का कारण धारदार हथियार से वार करना बताया गया था। मृतक के फुफेरे भाई जसपुर खुर्द निवासी दुष्पाल सिंह ने कुंडा थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
बृहस्पतिवार को विनोद हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी रजनी ने ही उसकी हत्या का तानाबाना बुना था। गांव के ही नफीस उर्फ बबलू से रजनी के प्रेम संबंध थे। रजनी के मुताबिक विनोद अपनी पहली पत्नी के बच्चों पर ज्यादा ध्यान देता था और उसे खर्च के लिए तंग रखता था। वह नशे में उसे पीटता था। नफीस आंध्रप्रदेश के मल्हौर में एक ब्यूटी पार्लर पर काम करता था। वह छुट्टी लेकर गांव आता रहता था। नफीस से उसके प्रेम संबंध थे और वह समय-समय पर उसकी आर्थिक मदद भी करता था।
फोन पर नफीस से बात करने के चलते विनोद को उस पर शक हो गया था, जिस पर विनोद उसके साथ मारपीट करने लगा। इस पर रजनी ने प्रेमी के साथ मिलकर विनोद की हत्या की योजना बनाई। 14 जनवरी की देर रात नफीस दोस्त संजय के साथ दीवार फांदकर रजनी के घर में घुसा। रात में विनोद जैसे ही रसोई घर में पहुंचा। नफीस ने उसका गला दबा दिया और संजय ने चाकू से उसकी गर्दन पर वार किए। विनोद की मौके पर ही मौत हो गई। खुलासे के समय अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट, थाना प्रभारी सुधीर कुमार आदि थे।
कातिल के मोबाइल कनेक्शन से खुला विनोद की हत्या का राज
- वारदात से दो दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी हत्या की स्क्रिप्ट
काशीपुर। कोर्ट कर्मी विनोद की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। पति के बाहर जाने पर महिला ने प्रेमी को घर बुलाया और रात भर हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत कत्ल की इस वारदात को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पत्नी के मोबाइल में कातिल के नंबर से कई कॉल्स होना पाई गई। सख्ती से पूछताछ की गई तो मृतक की पत्नी ने विनोद हत्याकांड की पूरी स्क्रिप्ट सुना दी।
न्याय कर्मी विनोद कुमार के धौलपुर (राजस्थान) में रहने वाले पहली पत्नी का पुत्र नीरज बीमार है। विनोद की बहन आगरा में रहती है। आगरा में ही नीरज का भी उपचार चल रहा है। वारदात से एक सप्ताह पहले विनोद कुमार बेटे का इलाज कराने आगरा गया था। दस दिन पहले नफीस भी अपने गांव आया था। विनोद की अनुपस्थिति में नफीस अपनी प्रेमिका के घर रुका। इसी दौरान दोनों ने विनोद की हत्या करने की योजना बनाई। उसने दुकान खोलने के लिए डेढ़ लाख रुपये देने का लालच देकर महेशपुरा निवासी फैक्ट्री कर्मी संजय को भी इसमें शामिल कर लिया।
12 जनवरी को विनोद आगरा से लौटा था। 14 जनवरी की रात तीनों ने विनोद की हत्या कर दी। नफीस और संजय शव ऑल्टो कार में रखकर बाजपुर रोड पर फेंकने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस कर्मियों को देख उन्होंने कार महेशपुरा की ओर मोड़ दी। बाद में अल्ली खां होते हुए वह कुंडा रोड पर पहुंचे और शव को सड़क किनारे फेंक दिया। उन्होंने इसे सड़क दुघर्टना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस को सड़क हादसे की तहरीर तक दे दी गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर चाकू से हमला होने की बात सामने आई।
पुलिस ने रजनी का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया। उसी रात गश्ती सिपाही इंद्रप्रकाश की सूचना पर सूर्या चौकी पर तैनात कांस्टेबल अशोक बोरा और अमित राणा ने वहां से गुजर रही ऑल्टो कार की चेकिंग की। कार सवार एक युवक के मुंह पर खरोंच पाई गई। पुलिस ने उसका मोबाइल नंबर और पता नोट कर लिया। जांच करने पर पाया कि चेकिंग के दौरान नोट किए नंबर से मृतक की पत्नी के मोबाइल पर कॉल हो रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी। यही लिंक इस हत्याकांड के खुलासे की वजह बना।
एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने हत्याकांड के खुलासे में मदद करने वाले सूर्या चौकी पर तैनात तीनों आरक्षियों को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देकर से सम्मानित किया है।
नौकरी के लिए प्रेमिका को बचा रहा था नफीस
काशीपुर। विनोद का हत्यारा नफीस उर्फ बबलू आखिर तक अपनी प्रेमिका को बचाने का प्रयास करता रहा। उसने विनोद की हत्या का जुर्म तो कबूल लिया, लेकिन उसमें रजनी की साजिश होने की बात से इंकार करता रहा। कुंडा थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि बाद में नफीस ने खुलासा किया कि अगर रजनी का नाम इस हत्याकांड में शामिल नहीं होता तो उसे मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिल जाती और जेल से छूटने के बाद वह रजनी से शादी कर लेता।
नफीस के चक्कर में दूसरे व्यक्ति को उठाया
काशीपुर। विनोद हत्याकांड में नफीस उर्फ बब्लू का नाम उजागर होने पर पुलिस ने सरवरखेड़ा में दबिश देकर उसी नाम के दूसरे व्यक्ति को पकड़ा। उक्त व्यक्ति पूर्व में हत्या के एक मामले में जेल जा चुका था। शुरू में पुलिस उसी पर शक कर रही थी। पुलिस पूछताछ में वह खुद को बेगुनाह बताता रहा। बाद में पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि विनोद हत्याकांड में आंध्रप्रदेश में बारबर का काम करने वाला नफीस शामिल है। उसके हत्थे चढ़ने के बाद ही पुलिस ने दूसरे नफीस को छोड़ा। तब कहीं जाकर उसकी जान में जान आई।
ये शामिल हैं खुलासा करने वाली पुलिस टीम में
थाना प्रभारी सुधीर कुमार, उपनिरीक्षक नरेश पाल सिंह, मदन बिष्ट, विपुल चंद्र जोशी, कांस्टेबल अवधेश कुमार, विरेंद्र राणा, शाहिद हुसैन, अशोक बोरा, इंद्रप्रकाश, अमित राणा, कैलाश तोमक्याल, नीरज कुमार।