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Udham Singh Nagar News: सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख

Sun, 23 Jul 2023 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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2021 में पूरा होने वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 2023 तक भी नहीं बन पाया
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अमृत योजना के तहत जल निगम 35.38 करोड़ की लागत से बना रहा प्लांट
वर्ष 2017 में शुरू हुआ था प्लांट निर्माण कार्य, जून 2021 में होना था पूरा

काशीपुर। केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत पेयजल निगम छह साल बाद भी 18 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) शुरू नहीं कर सका। विभाग अब अगस्त 2023 तक प्लांट को शुरू करने की बात कह रहा है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में अमृत योजना लागू की थी। इस योजना के तहत नगर निगम प्रशासन ने एसटीपी के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। वर्ष 2017 में प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल गई थी। साथ ही 35,38,00,000 रुपये में प्लांट का टेंडर दिल्ली की एसएन एनवायरटेक कंपनी को मिला।
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तब कार्यदायी कंपनी ने वर्ष 2017 में मुरादाबाद रोड स्थित पेयजल निगम प्रांगण के पास करीब 13 वर्ग मीटर में एसटीपी बनाने का कार्य शुरू किया जिसको पूरा करने का समय वर्ष 2021 तय किया गया लेकिन तय समय के बाद निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद विभाग ने कंपनी को मार्च 2023 तक का समय दिया, फिर भी काम पूरा नहीं हो सका। अब मशीन के स्थापित न होने के कारण अगस्त 2023 तक का समय दिया गया है।
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प्लांट से क्या मिलेगा लाभ

घरों, फैक्टरी, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले सीवेज और नाले-नालियों के दूषित पानी को ढेला नदी में छोड़ा जा रहा है, जो कि आगे जाकर गंगा नदी में मिलकर गंगा को प्रदूषित कर रहा है। इसकी सफाई के लिए एसटीपी बनाया जा रहा है। विभाग के एई शशिपाल सिंह चौहान ने बताया कि प्लांट बनने के बाद शहर के नाले-नालियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी और सीवेज का यहां उपचार किया जाएगा। इसके बाद यहां से निकलने वाला साफ पानी नहर में सिंचाई के लिए छोड़ा जाएगा जबकि उपचार करके सीवेज की खाद बनाई जाएगी। यह किसानों को मुफ्त दी जाएगी।
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कार्यदायी कंपनी पर लग चुका है सत्तर लाख का जुर्माना
अमृत योजना के तहत एसटीपी निर्माण कार्य वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। इसके पूरा होने की समय सीमा वर्ष 2021 तय थी लेकिन समय गुजरने के बाद ही प्लांट का काम पूरा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक काम में देरी के लिए विभाग कार्यदायी निर्माण कंपनी पर सत्तर लाख रुपये का जुर्माना भी कर चुका है।
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अमृत योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो चुका है लेकिन मशीन स्थापित करने में देरी हो गई है। मार्च 2023 में प्लांट को शुरू करना था, लेकिन किन्हीं कारणों से यह तारीख बढ़ाकर अगस्त 2023 तय की गई है। हल्द्वानी पेयजल निगम की यांत्रिक शाखा मशीन स्थापित करने के कार्य में लगी है। उम्मीद है कि अगले माह तक प्लांट काम शुरू कर देगा। शशिपाल सिंह चौहान, एई, पेयजल निगम काशीपुर।
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