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Udham Singh Nagar News: विभाजन के समय बंदूक की गोली महंगी और इंसान की जान हो गई थी सस्ती

Mon, 14 Aug 2023 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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रुद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में ढोल नगाडों के साथ नाचते गाते लोग।
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रुद्रपुर। 14 अगस्त 1947 को बंगाली हिंदू और पंजाबी समाज के लोगों ने विभाजन की विभीषिका को झेला था। विभाजन के वक्त हुईं घटनाओं को याद करके आज भी बंगाली समुदाय के लोग सिहर उठते हैं। विभाजन के समय छोटी उम्र में अपनी जान बचाते हुए भारत आए लोगों ने सोमवार को आयोजित हुए कार्यक्रम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस में संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता चयन राजपूत को दास्तान सुनाईं। लोगों का कहना था कि उस समय बंदूक की कीमत महंगी और इंसान की जान सस्ती हो गई थी। झाड़ियों में छिपे बैठे लोगों पर जब ज्यादा गोली चला दी गईं तो उन्हें पकड़ पकड़कर एक लाइन में खड़ा कर दिया था। फिर एक-एक को गोली से मौत के घाट उतार दिया गया।
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विभाजन के समय मेरी उम्र चार साल रही होगी। आज भी वह दृश्य मेरी आंखों के सामने है। जब उग्रवादी लोगों को लाइन में खड़ाकर एक-एक करके मार रहे थे। किसी तरह बचकर हम भारत पहुंचे थे। -श्रीवास सरकार, आदर्श काॅलोनी।

मेरी ढाई साल की उम्र थी, माता-पिता बताते हैं कि उस समय बेहद दुख झेला। लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए थे। पेट में दाना नहीं और हाथ में पानी नहीं... यह स्थिति हो गई थी। -रोबिन सरकार, इंदिरा बंगाली कॉलोनी।
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एक साल की उम्र में माता-पिता मुझे भारत ले आए थे। उस समय हर जगह बदमाशी, चोरी चाकारी चल रही थी। एक-दूसरे के लोग दुश्मन बन गए थे। बहुत मुश्किल से भारत पहुंचे थे। -सविता पाल, आदर्श कॉलोनी।

विभाजन के समय विशेष समुदाय के लोग काफी अत्याचार कर रहे थे। भारत आने पर सरकार ने हमें रहने के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई। बंगाली समुदाय के लोगों को भारत में बहुत इज्जत मिलती है। -लक्खी विश्वास, दिनेशपुर।

जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए सीएम ने यज्ञ में दी आहूति
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन के समय जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए यज्ञ में आहूति दी। इससे पहले बंगाली समुदाय के लोगों की ओर से कार्यक्रम स्थल में लगाई गए विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया। सीएम धामी ने गीली मिट्टी से काली मां, सरस्वती मां व लक्ष्मी मां की स्मृति बना रहे दिनेशपुर निवासी राहुल राय और नंद गोपाल की काफी सराहना की। स्कैच आर्टिस्ट सुधीपता तरफदार ने सीएम को उनका स्कैच उपहार स्वरूप भेंट किया। सीएम ने बंगाली संस्कृति के पारंपरिक वाद्य यंत्रों के स्टॉल का निरीक्षण किया। शक्तिफार्म के गोपाल, संटी, पीयूष ने सीएम को एकतारा और खोमुख वाद्य यंत्र बजाकर दिखाया। उन्होंने बताया कि वाद्ययंत्र बजाने की उनकी तीसरी पीढ़ी है। दिनेशपुर, रुद्रपुर, दिल्ली, मुंबई में आयोजित होने वाले बंगाली कार्यक्रमों में उन्हें बुलाया जाता है।

रुद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में ढोल नगाडों के साथ नाचते गाते लोग।

रुद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में ढोल नगाडों के साथ नाचते गाते लोग।

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