चार दिन पूर्व स्नातकोत्तर की छात्रा द्वारा एक प्रवक्ता पर सुविधा शुल्क लेने के आरोप के बाद छात्र नेताओं द्वारा प्रवक्ता से धक्का-मुक्की करने के मामले में छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की सूचना पर छात्रसंघ भड़क उठा। छात्रों ने सोमवार को प्राचार्य, प्रवक्ताओं और कर्मचारियों को कालेज से बाहर कर तालाबंदी कर दी। इधर, तीन छात्राओं ने दो प्रवक्ताओं के खिलाफ तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
चार फरवरी को हुई मारपीट के मामले में प्रवक्ता शाहिद समी सिद्दीकी की तहरीर पर पुलिस ने रविवार को छह छात्रनेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जिसकी जानकारी मिलते ही छात्र संघ अध्यक्ष दीपक चंद्र सहित दर्जनों छात्र नेता कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कालेज में पहुंचे और कालेज से प्रवक्ताओं और कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। उसके बाद वहीं धरना देकर बैठ गए। इस बीच प्राचार्य डा. हरिराम तिरुवा भी पहुंच गए, लेकिन छात्रों ने ताला खोलने से मना कर दिया।
इतना ही नहीं कालेज परिसर स्थित ओपन यूनिवर्सिटी कार्यालय में बैठने पर भी छात्रों ने प्राचार्य को वहां से बाहर जाने का अनुरोध किया। जिसपर वह बाहर चले गए और उन्होंने वहां भी तालाबंदी कर दी।
इस मौके पर पहुंचे एसएसआई एचबी सेन ने शांति व्यवस्था बनाए रखी। इधर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष किशोर जोशी सहित कई छात्रों ने कोतवाली पहुंचकर दो प्रवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और तीन छात्राओं ने कालेज के दो प्रवक्ताओं के खिलाफ सुविधा शुल्क लेने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
इधर दोपहर बाद सीओ डीएस पांगती ने छात्रों को न्याय दिलाने और बिना जांच कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया और प्राचार्य डा. तिरुवा ने कहा कि जांच कमेटी अपना कार्य मंगलवार से ही शुरू कर देगी के बाद छात्रों ने कालेज का ताला खोल दिया।