नीरज बेलवाल, उप निबंधक, उत्तराखंड सहकारी समितियां।
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रुद्रपुर। रबी विपणन सत्र 2021-22 के लिए इस बार कुमाऊं मंडल को 18 लाख 50 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। साथ ही इस वर्ष गेहूं की खरीद बढ़ाने के उद्देश्य से थोड़े बदलाव करते हुए मंडी समितियों में आरएफसी और ग्रामीण इलाकों व अधिक उपज वाले क्षेत्रों में सहकारिता विभाग को क्रय केेंद्र आवंटित किए गए हैं। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूूल्य (एमएसपी) 1975 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। साथ ही प्रदेश सरकार की ओर से प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा।
एक अप्रैल से शुरू होने जा रही गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और क्रय एजेंसियां कुमाऊं में इस बार धान की रिकॉर्ड 28 लाख, 32 हजार, 640 क्विंटल खरीद की भांति गेहूं खरीद का भी नया कीर्तिमान स्थापित करने की रणनीति बना रहे हैं। इसी कारण राज्य के प्रमुख कृषि उत्पादक जिले ऊधमसिंह नगर में गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष के 139 क्रय केंद्रों के मुकाबले बढ़ाकर 158 कर दी गई है। इस बार गेहूं खरीद में क्रय एजेंसी एनसीसीएफ को भी शामिल किया गया है। साथ ही जिले की नौ मंडियों में से छह मंडियों में सिर्फ आरएफसी के क्रय केंद्र खुलेंगे जबकि तीन मंडियों में से दो में सिर्फ एनसीसीएफ व एक में आरएफसी और एनसीसीएफ के क्रय खुलेंगे। इसके साथ ही नेफेड क्रय एजेंसी को भी पिछले सत्र में धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने का लाभ मिला है। पहले नेफेड व सहकारिता विभाग को इस बार गेहूं खरीद से हटाने की तैयारी चल रही थी लेकिन कैबिनेट की बैठक में पिछले सत्र में धान खरीद का रिकॉर्ड देखते हुए नेफेड को 18 और सहकारिता विभाग को 112 केंद्र आवंटित कर दिए गए हैं।
गेहूं खरीद को लेकर जिले के क्रय एजेंसियों पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार मंडियों में आरएफसी व एनसीसीएफ केे केंद्र खुलेंगे। अधिक उपज वाले व ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता विभाग के क्रय केंद्र खुलेंगे। केंद्रों पर बारदाना व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नीरज बेलवाल, उप निबंधक, उत्तराखंड सहकारी समितियां