पंतनगर। आधा नवंबर बीत चुका है फिर भी ठंड नदारद है। मौसम वैज्ञानिकों ने इसका एकमात्र कारण हवा में नमी की कमी बताया है। इसके अलावा बृहस्पतिवार को क्षेत्र में सुबह छह बजे के बाद एकाएक छाई धुंध कोहरा न होकर मात्र स्माॅग था, जो अभी दो-तीन दिन जारी रहेगा।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. आरके सिंह ने बताया कि महासागर में पिछले डेढ़ माह से अभी तक कोई पश्चिमी विक्षोभ नहीं सक्रिय हुआ है। साथ ही अक्तूबर के पहले सप्ताह में हल्की बारिश होने के बाद से कोई बारिश नहीं हुई है। इसके चलते हवा में नमी की मात्रा बेहद कम है। जल्द ही विक्षोभ सक्रिय होने पर उसके प्रभाव से हवा में नमी की मात्रा बढ़ेगी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी सहित तराई में ठंड में इजाफा होगा। इससे लोग ठंड से कांपने पर मजबूर हो जाएंगे। बताया कि 15 नवंबर तक अमूमन अधिकतम तापमान 25-28 और न्यूनतम 12-15 के आसपास ही रहता है। अब तापमान में गिरावट आनी शुरू होगी जिससे ठंड का अहसास भी बढ़ेगा। बताया कि धान की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और लोगों ने रबी की फसलों की बुआई शुरू कर दी है। इस मौसम से खेतीबाड़ी को भी कोई नुकसान नहीं है। बताया कि अल-नीनो प्रभाव जून में समाप्त हो चुका है। अब दिसंबर के पहले सप्ताह से ला-नीना का प्रभाव शुरू होगा। जिसके चलते कड़ाके की ठंड पड़ेगी। संवाद