रामनगर-टांडा खेम-नूरपुर-फाजलपुर मार्ग पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। गड्ढे और बारिश में कीचड़ होने से इस सड़क से गुजरना और भी मुश्किल हो जाता है। शनिवार को कई लोग रपटकर चोटिल हो गए। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों से भरा एक जुगाड़ वाहन भी कीचड़ के चलते पलटने से बाल-बाल बचा। गुस्साए बच्चों ने सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बच्चों का कहना था कि वे पढ़ना चाहते हैं, अब इन समस्याओं के लिए भी अगर उन्हें प्रदर्शन करना पड़े तो पढ़ाई कब करेंगे।
केलाखेड़ा के समीप गांव रामनगर-टांडा खेम-नूरपुर-फाजलपुर मार्ग काफी जर्जर हाल में है। बारिश के चलते कीचड़ होने से शनिवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य किशन चंद कांबोज रपटकर चोटिल हो गए। स्कूल जा रहे कुछ बच्चों के कपड़े और जूते भी कीचड़ लगने से गंदे हो गए। स्कूल जा रहे बच्चों का वाहन पलटने से बाल-बाल बचा।
गुस्साए बच्चों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। बाद में बच्चे करीब आधा किमी पैदल चलकर स्कूल पहुंचे। इधर, ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं, इसके बावजूद इस तरफ किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं जा रहा है। इस मार्ग पर गांव रामनगर में राजकीय हाईस्कूल, दो प्राथमिक विद्यालय और निजी स्कूल भी हैं।
प्रशासन और नेताओं के खिलाफ नाराजगी जताने वालों में यतेंद्र सिंह राणा, विजयपाल, हरनाम सिंह कांबोज, लक्ष्मण दास कांबोज, कृपाल सिंह चीमा, प्रहलाद सिंह, इस्लाम खां, लेखराज, गौरी कंबोज, दलीप राणा, कलुआ, राजेंद्र, जागन सिंह, हीरा लाल, मलकीत सिंह, विक्की राणा, नाजिम खां, दौलत कश्यप, सन्नी, मोहम्मद जाकिर आदि थे। ब्यूरो