सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चले विवादों के बाद बुधवार को रुद्रपुर में पद्मावत का प्रि व्यू शो वेव सिनेमा में दिखाया गया। शो शांतिपूर्ण रहा किसी भी तरह के विरोध का मामला सामने नहीं आया है। शो के दौरान मॉल के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा था। बृहस्पतिवार को जिले के सात सिनेमाघरों में दिखाई जा रही फिल्म के विरोध की आशंका को देखते हुए हर सिनेमाघर में पीएसी के साथ ही स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रहेगी।खुफिया तंत्र को भी इसके लिए विशेष तौर पर चौकन्ना किया गया है।
ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर, काशीपुर और किच्छा में सात सिनेमाघर संचालित हो रहे हैं सभी सिनेमाघरों में फिल्म का प्रदर्शन शुरू होने से समापन तक पीएसी के साथ ही स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। अभिसूचना तंत्र भी विरोध के संबंध में की जाने वाली गतिविधि पर विशेष नजर बनाकर ऐसे लोगों को चिन्हित करने में जुटा है। इधर, बुधवार को नैनीताल रोड स्थित वेव सिनेमा में पद्मावत के दो प्री व्यू शो हुए। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते का कहना है कि फिल्म के प्रदर्शन में विरोध की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिल्म प्रदर्शन को लेकर किसी तरह की अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
काशीपुर में फिल्म पद्मावत के विरोध में क्षत्रिय महासभा के नेतृत्व में पद्मावती स्वाभिमान यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से क्षत्रिय समाज ने सभी वर्गों के लोगों से भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात करने वाली इस फिल्म का बहिष्कार करने का अनुरोध किया। बुधवार को क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद पाल सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान में जुटने शुरू हो गए। इस सूचना पर कोतवाली से बड़ी तादात में पुलिस फोर्स भी वहां पहुंच गई।
एसएसआई राजेश यादव ने बगैर प्रशासनिक अनुमति के यात्रा शुरू न होने देने की बात कही। पुलिस की सख्ती के चलते महासभा के पदाधिकारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेेट को आवेदन देकर शांतिपूर्ण विरोध करने की अनुमति मांगी। इसके बाद दोपहर एक बजे रामलीला मैदान से स्वाभिमान यात्रा निकालकर फिल्म का विरोध किया गया। यह यात्रा एमपी चौक, पार्क रोड, पोस्ट ऑफिस रोड, एससी गुड़िया मार्ग होते हुए वापस रामलीला मैदान पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा के माध्यम से लोगों से फिल्म न देखने और सिनेमा हाल संचालकों से फिल्म प्रदर्शित न करने की भी अपील की गई। वहां पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल, राजपाल सिंह, ओपी सिंह, सूरज सिंह, वीरेंद्र कुमार, दलजीत सिंह, गीता चौहान, प्रणव मेहरोत्रा, बीएस राजपूत, अंकुर राजपूत, महिपाल सिंह, शैलेंद्र बौडाई, रंजीत सिंह आदि थे। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही सरकारें
जन शक्ति विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. आरिफ खान ने पद्मावत फिल्म के विरोध के नाम पर तोड़फोड़ के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। खान ने केंद्र व राज्य सरकारों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। आरिफ खान ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के रिलीज से रोक हटा दी। तब फिल्म को रिलीज करने के लिए शांति बनाने की व्यवस्था करना राज्य सरकारों का दायित्व है। विरोध करने वालों को खुली छूट है। पुलिस तमाशा देख रही है। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना नहीं है तो और क्या है। फिल्म का विरोध करने वालों के सामने कानून असहाय नजर आ रहा है।