मुख्यमंत्री हरीश रावत से जनता को जिले की घोषणा सहित कईं उम्मीदें थी। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार दूसरी जनसभा में भी उनकी ओर से कोई घोषणा नहीं होने से जनता को निराशा हाथ लगी। काशीपुर जिले की मांग के अलावा जनता क्षेत्र की कईसमस्याएं हल होने की टकटकी लगाए थी। किसानों और कर्मचारियों को बंद पड़ी शुगर मिल पर बकाया करोड़ों रुपयों के भुगतान की आस थी। फ्लाईओवर और बाइपास नहीं होने से रोजाना जाम से होने वाली दिक्कतों से जनता जूझती है। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में डाक्टरों की भारी कमी है। विशेषज्ञ नहीं होने से हार्ट सेंटर बंद पड़ा है। अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए वेंटीलेटर है है, मगर डाक्टर नहीं होने से बेकार है। नगर की सड़कें बदहाल हैं और चलने लायक नहीं रह गई हैं। इसके अलावा बंद पड़ी सूत मिल को दोबारा शुरु करने को लेकर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में प्रदेश में स्वास्थ्य, सड़कों और अन्य मसलों पर किए कार्यों का बखान तो किया, लेकिन काशीपुर की समस्याओं को हल करना तो दूर उनके बारे में जिक्र तक नहीं किया।